
बिजनौर, 8 जुलाई।
उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल ने बुधवार को नुमाइश ग्राउंड स्थित कान्हा गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में संरक्षित 218 गौवंशों में से पांच गौवंश अस्वस्थ मिले, जिस पर उन्होंने पशु चिकित्सकों को तत्काल गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं नियमित स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आयोग के सदस्य ने गौवंशों को गुड़ खिलाकर उनका पूजन किया तथा गौशाला की व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया। अभिलेखों के अनुसार गौशाला में कुल 218 गौवंश संरक्षित पाए गए, जिनमें 24 नर और 194 मादा गौवंश शामिल हैं।

निरीक्षण में पांच गौवंश बीमार पाए जाने पर उन्होंने पशु चिकित्सकों से कहा कि सभी पशुओं का समयबद्ध उपचार किया जाए और उनके पूर्ण स्वस्थ होने तक नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही अन्य गौवंशों को संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए।
गौशाला में हरा चारा, भूसा और चोकर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिला, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। केयर टेकरों को निर्देशित किया गया कि वे गौवंशों के खान-पान, साफ-सफाई और स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखें, ताकि किसी भी पशु को समय पर आवश्यक देखभाल मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी संचालित पाए गए।

दीपक गोयल ने गौवंशों के बेहतर पोषण के लिए हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने और गौशाला की सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौवंशों की सेवा और संरक्षण राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और सभी व्यवस्थाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक (प्रथम) पशुपालन विभाग, मुरादाबाद मंडल डॉ. जगदीश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. अनुपम जैन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

