
बिजनौर, 8 जुलाई।
उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण और देखभाल को लेकर अपनी योजनाओं की प्रगति के आंकड़े जारी करते हुए दावा किया है कि प्रदेश में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थलों पर 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार बिजनौर में वर्तमान समय में 71 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां 10,609 गोवंश संरक्षित हैं।

उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को बिजनौर में महात्मा विदुर सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए ये दावा किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत प्रदेश में अब तक 1.67 लाख से अधिक गोवंश इच्छुक गोपालकों को सौंपे जा चुके हैं। बिजनौर में 1,301 गोपालकों ने 2,403 गोवंश को अपनाया है। सरकार की ओर से प्रति गोवंश प्रतिदिन 50 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है।
जनपद से प्राप्त आंकड़ों के हवाले से श्री महेश ने बताया कि गोशालाओं की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रदेश की 5,446 गोशालाओं में 7,592 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी मदद से गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 के तहत गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ’’जीरो टॉलरेंस नीति’’ के तहत कार्रवाई की जा रही है।
श्री महेश कुमार शुक्ल ने दावा किया कि आयोग के पदाधिकारी लगातार गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं और कहीं भी अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि गो-संरक्षण को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं का तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार निराश्रित गोवंश की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस दिशा में सभी विभागों को प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
