
बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में शुक्रवार को सायं 4:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने के कार्य में अपेक्षित तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी श्रीमती कौर ने उप कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि यदि फार्मर रजिस्ट्री निर्माण के दौरान किसी स्तर पर तकनीकी या व्यावहारिक समस्या उत्पन्न हो रही हो, तो संबंधित कार्मिकों को समुचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का प्रमाणिक एवं अद्यतन डाटा तैयार किया जाता है, जिससे शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी एवं सुगमता के साथ पहुँचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के तैयार होने से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा एवं कृषि ऋण जैसी योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
डिजिटल क्रॉप सर्वे में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ एवं रबी फसलों के सटीक एवं वास्तविक आंकड़ों के लिए सर्वे कार्य को पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाए। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत फसलों की वास्तविक स्थिति, बोए गए रकबे एवं फसल के प्रकार का डिजिटल माध्यम से सर्वे किया जाता है, जिससे नीति निर्माण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलती है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि डिजिटल सर्वे के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किस खेत में कौन-सी फसल बोई गई है, जिससे आपदा की स्थिति में मुआवजा तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सही एवं पात्र किसानों को मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो सर्वेक्षकों एवं तहसील स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने डेटा एंट्री में किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए वास्तविक समय में निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
कृषि क्षेत्र में डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से कृषि क्षेत्र में एक ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया जाए, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके और योजनाओं का सीधा लाभ किसानों तक पहुँचे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा सहित जिले के सभी उप जिलाधिकारी उपस्थित रहे।




