बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सोमवार अपराह्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मनगरी एवं स्वाहेड़ी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। अस्पतालों में प्रकाश और पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को तत्काल सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
स्टाफ की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मनगरी में निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में सामने आया कि सीएचओ वैशाली चौधरी तीन दिन से अनुपस्थित हैं। वहीं एसएलए मिथिलेश वर्मा और स्टाफ नर्स दीक्षा शर्मा भी मौके पर नहीं मिलीं। इस संबंध में सीएचसी में कार्यरत फार्मेसिस्ट अखलाक अली ने बताया कि वे नजदीकी गांव में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में सेवाएं दे रहे हैं
गंदगी और अव्यवस्थाओं पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में भारी गंदगी, पानी की सप्लाई न होना और बिजली की समुचित व्यवस्था न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित सफाई के साथ-साथ पानी और विद्युत आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
डॉक्टर की अनियमित उपस्थिति से मरीज परेशान

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मनगरी में तैनात डॉक्टर नरेंद्र कौर, जिनकी ड्यूटी सप्ताह में तीन दिन निर्धारित है, केवल एक दिन ही अस्पताल आती हैं। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पर्याप्त स्टाफ की कमी के चलते भी आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने के निर्देश
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकतानुसार स्टाफ की नियुक्ति या सम्बद्धीकरण कर आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।