
बिजनौर, 8 जुलाई।
जनपद में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना एवं डीबीटी हस्तांतरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों एवं अन्य पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड वितरित किए। साथ ही परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सहायता का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखने के बाद प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस योजना से शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों तथा उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। इससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और इलाज का आर्थिक बोझ भी कम होगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री ने कक्षा-एक के दो विद्यार्थियों का नामांकन पंजिका में स्वयं दर्ज किया तथा परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग, स्टेशनरी सहित अन्य शैक्षिक सामग्री के लिए डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सहायता का प्रतीकात्मक वितरण कर उन्हें प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, नहटौर विधायक ओम कुमार, पूर्व विधायक कमलेश सैनी तथा नगर पालिका अध्यक्ष इंदिरा सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा और विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इससे पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना एवं जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र सक्सेना ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ सांकेतिक रूप से एमओयू भी ग्रहण किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी जसजीत कौर और मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने जनप्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया तथा लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका आकांक्षा चौधरी ने किया।