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एयर टैक्सी : SC-ST की नई पीढ़ी का नया कीर्तिमान

IIT मद्रास में SC-ST युवाओं की भागीदारी से विकसित हो रही स्वदेशी तकनीक, 2028 तक शुरू हो सकती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा

SC-ST की नई पीढ़ी आज विज्ञान, तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में रोज नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। एयर टैक्सी का विकास इसका एक शानदार उदाहरण है।

दलित इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ तमिलनाडु के महासचिव (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) डॉ. रश्मि सुन्दरम टी. के अनुसार, IIT मद्रास में 13 सदस्यीय टीम एयर टैक्सी पर काम कर रही है, जिसमें 2 SC और 5 ST सदस्य शामिल हैं। यह एक बेहतरीन नवाचार है, जिसमें भारत के अनेक निवेशक और उद्यमी सहयोग कर रहे हैं।

 भारत में विकसित हो रही नई तकनीक

एयर टैक्सी की यह तकनीक भारत में ही विकसित हो रही है। इसकी सफलता भारतीय उद्योग जगत के साथ-साथ भारतीय विज्ञान और तकनीक को भी नई ताकत देगी।

सबसे खास बात यह है कि इसे दुनिया की किफायती एयर टैक्सी बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इसकी सफलता से भारत के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ सकता है।

 चिकित्सा और एंबुलेंस सेवा को मिलेगा बड़ा लाभ

एयर टैक्सी का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग चिकित्सा और एंबुलेंस सेवा में हो सकता है। सड़क मार्ग से जिस सफर में दो घंटे लगते हैं, उसे हवाई मार्ग से लगभग आधे घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

इससे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी और बहुमूल्य समय की बचत होगी। एयर टैक्सी बनाने वाली कंपनियों के साथ कई अस्पतालों द्वारा अभी से समझौते किए जाने की बात सामने आ रही है।

 सात वर्ष पहले शुरू हुआ था काम

यह उपलब्धि अचानक नहीं आई है। IIT मद्रास की प्रयोगशाला में एयर टैक्सी की तकनीक पर करीब सात वर्ष पहले काम शुरू हुआ था। अब देश की कई कंपनियां इस दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

चेन्नई की ई-प्लेन कंपनी ने करीब 2,000 किलोग्राम वजन वाले एक ऐसे विमान का मॉडल पेश किया है, जो हेलीकॉप्टर की तरह उड़ान भर सकता है। इसमें एक पायलट और दो यात्रियों के बैठने की क्षमता बताई गई है और एक बार चार्ज करने पर करीब 100 किलोमीटर तक उड़ान भरने की क्षमता है।

 2028 तक शुरू हो सकती है एयर टैक्सी सेवा

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने विश्वास जताया है कि भारत में वर्ष 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा शुरू हो सकती है।

यह एयर टैक्सी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) तकनीक पर आधारित होगी। यानी यह हेलीकॉप्टर की तरह सीधे जमीन से ऊपर उठ सकेगी और जरूरत के अनुसार सीधे नीचे उतर सकेगी।

 महानगरों में जाम का बनेगी विकल्प

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में सड़क पर लगने वाले जाम के बीच एयर टैक्सी तेज परिवहन का नया विकल्प बन सकती है। जब किसी व्यक्ति को कम समय में लंबी दूरी तय करनी होगी, तब एयर टैक्सी काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

बेंगलुरु की सरला एविएशन भी इस दिशा में काम कर रही है और एयर टैक्सी के परीक्षण की तैयारी कर रही है।

 ड्रोन, हेलीकॉप्टर और विमान की तकनीक का मेल

एयर टैक्सी में ड्रोन, हेलीकॉप्टर और पारंपरिक विमान की तकनीक का समन्वय होगा। प्रस्तावित मॉडल में पायलट सहित छह लोगों के बैठने की क्षमता हो सकती है।

इसमें सात इलेक्ट्रिक मोटरों का इस्तेमाल किया जाएगा। छह मोटर इसे ऊपर उठाने और नीचे उतारने में मदद करेंगी, जबकि एक मोटर आगे या पीछे की दिशा में उड़ान के लिए काम करेगी।

यह टैक्सी पेट्रोल या डीजल जैसे ईंधन से नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक बैटरी से चलेगी। भविष्य में उड़ान के दौरान बैटरी चार्ज करने की व्यवस्था भी विकसित की जा सकती है।

SC-ST की नई पीढ़ी को शुभकामनाएं

SC-ST की नई पीढ़ी के वैज्ञानिक, इंजीनियर, उद्यमी और तकनीकी विशेषज्ञ जिस तरह नए-नए प्रयोग कर रहे हैं, वह पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।

आज SC-ST का युवा केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि नई तकनीक विकसित करने, उद्योग खड़ा करने और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने वाला बन रहा है।

-डॉ. जितेन्द्र पासवान

SC-ST की आर्थिक क्रांति

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