बागड़पुर में बिजली चेकिंग के दौरान जेई से मारपीट का मामला गरमाया, 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो बिजलीकर्मियो ने दी आंदोलन की चेतावनी
किसान-विजलीकर्मी आमने सामने

बिजनौर। चांदपुर थाना क्षेत्र के बागड़पुर गांव में बिजली कनेक्शन की जांच के दौरान विद्युत विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच हुआ विवाद अब कर्मचारी संगठन और किसान संगठन के आमने-सामने आने तक पहुंच गया है। 18 सितंबर को चेकिंग के दौरान अवर अभियंता (जेई) सुदीप कुमार शर्मा और विद्युत कर्मचारियों के साथ मारपीट तथा जेई को बंधक बनाए जाने के मामले में पुलिस ने छह नामजद समेत करीब 20 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस एक नामजद आरोपी मयंक को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने शेष नामजद आरोपियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
चेकिंग के दौरान बढ़ा विवाद
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, 18 सितंबर को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ‘लो कंजम्प्शन’ सूची के आधार पर जेई सुदीप कुमार शर्मा, सहायक अभियंता और अन्य विद्युत कर्मचारियों की टीम बागड़पुर पहुंची थी। टीम ने एक परिसर में लगे मीटर की जांच की। विभाग का दावा है कि मीटर की इनकमिंग केबल में कट मिला और अतिरिक्त केबल के जरिए रसोई में हीटर तथा बाहर स्थित दुकानों में बिजली इस्तेमाल किए जाने की स्थिति सामने आई।
टीम ने जांच की वीडियोग्राफी शुरू की तो विवाद बढ़ गया। जेई की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया कि ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया, जेई का मोबाइल छीन लिया और उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेई को मुक्त कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मारपीट का वीडियो वायरल होने से बढ़ा विवाद
घटना के करीब चार दिन बाद मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में कुछ लोग जेई और विद्युत टीम के साथ धक्का-मुक्की और बेरहमी से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। विभिन्न समाचार रिपोर्टों में वीडियो को घटना से संबंधित बताया जा रहा है।
एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश
पुलिस ने मामले में मयंक पुत्र संजीव निवासी बागड़पुर को गिरफ्तार किया है। प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह के अनुसार, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
ग्रामीणों ने भी उठाए सवाल
मामले में ग्रामीणों का पक्ष भी सामने आया है। ग्रामीणों और किसान संगठन से जुड़े लोगों का आरोप है कि चेकिंग के दौरान जेई का व्यवहार उचित नहीं था और इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी। ग्रामीण पक्ष की ओर से भी पुलिस को शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच की बात कही है।
मुकदमे के विरोध में भाकियू की पंचायत
ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के विरोध में 22 सितंबर को बागड़पुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पंचायत की थी। पंचायत की अध्यक्षता भाकियू के जिला संरक्षक सत्यदेव सिंह ने की और संचालन जितेंद्र कुमार प्रधान ने किया था। पंचायत में भाकियू जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान, प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह समेत संगठन के पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम प्रधान संघ की ओर से भी पंचायत को समर्थन दिए जाने की बात सामने आई।
पंचायत में किसान नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और जेई के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की मांग रखी। अधिकारियों के समक्ष यह भी कहा गया कि जब तक जेई के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रखा जाएगा।
अधिकारियों ने सुनीं मांगें
पंचायत के दौरान एसडीएम चांदपुर प्रशांत वर्मा, सीओ चांदपुर देश दीपक सिंह और प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसान नेताओं ने अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं और दोनों पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी।
अब बिजलीकर्मियों ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
घटना को लेकर बुधवार को राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन की जनपद शाखा के बैनर तले अवर अभियंता और विद्युत कर्मचारी बिजनौर डिविजन परिसर में एकत्र हुए। कर्मचारियों ने बागड़पुर प्रकरण में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई।
इसके बाद कर्मचारी आवास विकास स्थित बिजनौर सर्किल के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि घटना के बाद से कर्मचारियों में भय का माहौल है। संगठन पदाधिकारियों के अनुसार, 21 सितंबर को भी अधिकारियों से वार्ता कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में रोष है।
कर्मचारी संगठन ने पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे के भीतर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का समय देते हुए चेतावनी दी है कि गिरफ्तारी नहीं होने पर अवर अभियंता सामूहिक रूप से आंदोलन शुरू करेंगे और हड़ताल जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। संगठन की ओर से इसी संबंध में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किया गया है।



