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पालि त्रिपिटक की आज के दौर में प्रासंगिकता पर विमर्श आज

पालि-पखवाड़ा महोत्सव में ऑनलाइन होगा विशेष कार्यक्रम, सामाजिक, नैतिक एवं शैक्षिक संदर्भों पर होगी चर्चा

नजीबाबाद। पालि-पखवाड़ा महोत्सव-2026 के अंतर्गत 24 सितंबर को शाम 8 बजेपालि त्रिपिटक साहित्य की वर्तमान कालिक प्रासंगिकता” विषय पर ऑनलाइन विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम भदन्ताचार्य बुद्धदत्त पालि-संवर्धन प्रतिष्ठान के आयोजन में जूम मीटिंग के माध्यम से होगा।

कार्यक्रम में पालि त्रिपिटक साहित्य की वर्तमान सामाजिक, नैतिक और शैक्षिक परिस्थितियों में उपयोगिता तथा प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श किया जाएगा। त्रिपिटक को बौद्ध साहित्य की महत्वपूर्ण ज्ञान-परंपरा का आधार बताते हुए इसके अध्ययन, संरक्षण और प्रसार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा प्रस्तावित है।

बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ के अध्यक्ष गोविंद सिंह बौद्ध ने बताया कि पालि भाषा एवं त्रिपिटक साहित्य भारतीय ज्ञान-परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पालि के अध्ययन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

ऑनलाइन सहभागिता

दिनांक: 24 सितंबर 2026
समय: शाम 8 बजे
माध्यम: Zoom Meeting
Zoom ID: 929 6782 5086

आयोजकों ने पालि भाषा और त्रिपिटक साहित्य के अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा अन्य लोगों से कार्यक्रम में ऑनलाइन सहभागी बनने का आह्वान किया है।

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