अब कलक्ट्रेट परिसर में नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन, नए डीएम ने जारी किया फरमान
अनुमति के बाद भी इंदिरा बाल भवन के अलावा किसी अन्य स्थल पर धरना-प्रदर्शन करना रहेगा प्रतिबंधित

बिजनौर, 24 सितंबर। बिजनौर जनपद के नवागत जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट उमेश प्रताप सिंह ने जिला मुख्यालय पर होने वाले धरना-प्रदर्शन को लेकर आदेश जारी कर दिया है। जिसमें कलक्ट्रेट परिसर में आए दिन होने वाले धरना-प्रदर्शन को अनुचित बताते हुए भविष्य में यहां पर धरना-प्रदर्शन को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया है।
आदेश के अनुसार कलेक्ट्रेट परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए पूर्णतः निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है। जनपद मुख्यालय पर अनुमति प्राप्त करने के बाद भी इंदिरा बाल भवन, बिजनौर के अतिरिक्त किसी अन्य स्थल पर धरना-प्रदर्शन करना प्रतिबंधित रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि बिजनौर शांति एवं कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील जनपद है। जनपद मुख्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न किसान संगठनों, राजनीतिक दलों, कर्मचारी संगठनों, सामाजिक संगठनों तथा अन्य वर्गों की ओर से समय-समय पर अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन/वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक और उप जिलाधिकारी बिजनौर के न्यायालयों के अलावा उपभोक्ता फोरम तथा चकबंदी न्यायालय भी संचालित होते हैं। इसके अलावा निर्वाचन संबंधी ईवीएम के भंडारण सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य भी परिसर में होते हैं।
जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार धरना-प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के आने तथा बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से कार्यालयों और न्यायालयों का काम प्रभावित होता है। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से भी न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य में व्यवधान उत्पन्न होने की स्थिति रहती है। न्यायालयों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शासन तथा उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्देशों का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि विरोध-प्रदर्शन का अधिकार संविधान के तहत प्राप्त है, लेकिन इसका प्रयोग सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा, आम नागरिकों के अधिकार और निर्बाध आवागमन को प्रभावित किए बिना किया जाना चाहिए। जिला प्रशासन ने उच्चतम न्यायालय के अमित साहनी बनाम स्टेट ऑफ दिल्ली सहित अन्य न्यायिक दृष्टांतों और शासन के निर्देशों का भी उल्लेख किया है।
प्रशासन के मुताबिक, प्रमुख सचिव गृह (पुलिस) अनुभाग-4, उत्तर प्रदेश शासन के 17 मई 2018 के पत्र के अनुपालन में बिजनौर में धरना-प्रदर्शन के लिए इंदिरा बाल भवन को निर्धारित स्थल के रूप में चिन्हित किया गया था। इसके बाद 11 सितंबर 2023 के कार्यालय आदेश के तहत कलेक्ट्रेट परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया था।
जिला मजिस्ट्रेट ने अब संबंधित आदेशों और न्यायिक निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध दोहराया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि जनपद मुख्यालय पर अनुमति के बाद भी इंदिरा बाल भवन के अलावा किसी अन्य स्थान पर धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
पेड़ पर टंगा रहा प्रतिबंध का नोटिस, कलक्ट्रेट में जारी रहे धरना-प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में भी कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद बिजनौर कलक्ट्रेट परिसर में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से समय-समय पर धरना-प्रदर्शन किए जाते रहे हैं।
कलक्ट्रेट परिसर में एक पेड़ पर बड़े अक्षरों में “कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध” का नोटिस भी लगा हुआ है। अब जिला मजिस्ट्रेट की ओर से दोबारा इस संबंध में आदेश जारी किए जाने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन रोकने के आदेश का प्रशासन किस स्तर तक प्रभावी ढंग से पालन कराता है।



