बिजनौर। जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से युवा आपदा मित्र योजना के तहत चयनित 50 स्वयंसेवकों को 12 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए एसडीआरएफ लखनऊ रवाना किया गया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह की अध्यक्षता में स्वयंसेवकों को रवाना किया गया।
अपर जिलाधिकारी वि/रा वान्या सिंह ने बताया कि युवा आपदा मित्र योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत जिले के युवाओं को आपदा के समय फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद ये स्वयंसेवक भूकंप, बाढ़, अग्निकांड सहित अन्य आपदाओं के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिला आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग द्वारा एनसीसी, एनएसएस एवं विभिन्न एनजीओ से चयनित इन स्वयंसेवकों को 16 जनवरी से 12 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार एसडीआरएफ लखनऊ द्वारा कराया जाएगा।
जिला आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को आपदा पूर्व तैयारी, खोज एवं बचाव, भूकंप सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, बाढ़ से बचाव, आकाशीय बिजली से सुरक्षा, सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के उपरांत सभी आपदा मित्रों को आपातकालीन किट उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें फर्स्ट एड किट, लाइफ जैकेट, टार्च, सुरक्षा हेलमेट, बहुउपयोगी रस्सी, कटर, सीटी आदि उपकरण शामिल होंगे। योजना का संचालन आपदा मोचक निधि से किया जाएगा।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी/जिला सूचना अधिकारी हर्ष चावला, जिला आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रशांत श्रीवास्तव सहित आपदा प्रबंधन विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।



