
बिजनौर, 19 सितंबर। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी जसजीत कौर ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अधिकृत अभियंताओं को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में विवरण दर्ज कर हस्ताक्षर भी किए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक निर्वाचन से पहले चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम और वीवीपैट की जांच एवं परीक्षण संबंधित निर्माता कंपनियों के अधिकृत अभियंताओं द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में किया जाता है। प्रथम स्तरीय जांच में निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाली ईवीएम और वीवीपैट को ही निर्वाचन प्रक्रिया में उपयोग के लिए रखा जाता है।
उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 में उपयोग होने वाली ईवीएम और वीवीपैट की एफएलसी 17 सितंबर 2026 से प्रक्रिया पूरी होने तक कलेक्ट्रेट परिसर, बिजनौर में निर्धारित की गई है। यह जांच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकृत अभियंताओं द्वारा की जा रही है। एफएलसी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई हैं।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खोले गए वेयरहाउस
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, ईवीएम वेयरहाउस, कलेक्ट्रेट बिजनौर तथा वीवीपैट वेयरहाउस, झंडापुर-चांदपुर रोड, बिजनौर को एफएलसी के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत वीडियोग्राफी के बीच खोला और बंद किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि एफएलसी प्रक्रिया की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाती है। ईवीएम एवं वीवीपैट के भंडारण और सुरक्षा के संबंध में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह समेत संबंधित अधिकारी और अधिकृत अभियंता मौजूद रहे

