

बिजनौर। सावन के अंतिम चरण में कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ’’हरिद्वार-नगीना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-74)’’ पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया गया है। पिछले वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं और जाम की घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार ’’राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई)’’ ने हाईवे पर कई स्थायी और अस्थायी सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। उद्देश्य साफ हैकृ’’श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा और सामान्य यातायात के बीच बेहतर संतुलन बनाना।’’

जिलाधिकारी ’’जसजीत कौर’’ के निर्देश पर एनएचएआई और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां ’’आरसीसी क्रैश बैरियर’’ लगाकर मीडियन कट बंद कर दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश सड़क हादसे अनधिकृत यू-टर्न और गलत दिशा से वाहन निकालने के कारण होते हैं। कट बंद होने से ऐसी घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
यात्रा मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर ’’वाटर-फिल बैरियर’’ लगाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन्हीं बैरियरों के माध्यम से ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और भारी वाहनों का आमना-सामना न हो।

’’रात में भी रहेगा सुरक्षित सफर’’
एनएचएआई ने इस बार रात्रिकालीन सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। हाईवे पर ’’हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटों’’ की व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है, जिससे रात में पैदल चलने वाले कांवड़ियों को पर्याप्त रोशनी मिल सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
’’प्रशासन की अपील’’
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने श्रद्धालुओं, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान जारी ट्रैफिक डायवर्जन और पुलिस के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा आस्था, सुरक्षा और अनुशासन के साथ संपन्न हो।

’’कांवड़ यात्रा सुरक्षा एक नजर में’’
– हरिद्वार-नगीना एनएच-74 पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था।
– दुर्घटना संभावित मीडियन कट किए गए बंद।
– ट्रैफिक नियंत्रण के लिए वाटर-फिल बैरियर लगाए गए।
– रात में सुरक्षित आवागमन के लिए हाईमास्ट व स्ट्रीट लाइटें चालू।
– पुलिस और एनएचएआई की संयुक्त निगरानी में संचालित होगी यातायात व्यवस्था।
