

बिजनौर। स्कूलों में पढ़ाई के साथ अब विद्यार्थियों और शिक्षकों को भूकंप, आग, बाढ़ समेत अन्य आपदाओं से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम फेज-3 के तहत बिजनौर में व्यापक प्रशिक्षण अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। कार्यक्रम के दौरान केवल आपदा प्रबंधन की जानकारी देने पर ही जोर नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों और शिक्षकों से मॉक ड्रिल और व्यवहारिक अभ्यास भी कराए जाएंगे।
विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने कार्यक्रम की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। शासन की योजना के तहत प्रत्येक जिले में करीब 200 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को कार्यक्रम में शामिल किया जाना है। इनमें 100 माध्यमिक विद्यालय, 60 निजी विद्यालय तथा 40 सरकारी एवं गैर-सरकारी महाविद्यालय शामिल होंगे।
सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, मौके पर कराई जाएगी ड्रिल
कार्यक्रम की खास बात यह होगी कि विद्यार्थियों को आपदा के समय केवल क्या करना है, यह बताया नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें उसका अभ्यास भी कराया जाएगा। प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन के सैद्धांतिक पक्ष के साथ व्यावहारिक गतिविधियों और मॉक ड्रिल को प्रमुखता दी जाएगी। शिक्षकों की भी प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में वे विद्यार्थियों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाने में सक्षम हो सकें।
300 से 500 विद्यार्थी होंगे मेगा स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम में शामिल
जनपद में एक मेगा स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें करीब 300 से 500 विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आमजन में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों को भी शामिल किया जाएगा।
स्थानीय आपदाओं के हिसाब से तैयार होगी जागरूकता सामग्री
कार्यक्रम के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से पोस्टर, बुकलेट, वीडियो और अन्य सूचना-संचार सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, स्थानीय स्तर पर जिले में संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त जागरूकता सामग्री भी तैयार की जा सकेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सितंबर से नवंबर तक चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम फेज-3 के तहत बिजनौर में प्रशिक्षण कार्यक्रम सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2026 के दौरान चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों में आपदा के समय घबराने के बजाय सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करना है।
खास बात यह है कि स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम को महज औपचारिक प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय मॉक ड्रिल और वास्तविक परिस्थितियों जैसे अभ्यास से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे स्कूलों में आपदा प्रबंधन को लेकर स्थायी सुरक्षा संस्कृति विकसित करने की उम्मीद है।

