

बिजनौर। कांवड़ यात्रा के बीच शिवभक्तों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है। नजीबाबाद क्षेत्र के कांवड़ मार्ग पर गुलदार की मौजूदगी वाले क्षेत्रों को प्रशासन ने खास तौर पर संवेदनशील माना है। शुक्रवार को जिलाधिकारी जसजीत कौर ने साहनपुर से लेकर मोटा महादेव मंदिर और चिड़ियापुर तक कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल कांवड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की पड़ताल की, बल्कि वन विभाग को गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

डीएम के निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू कांवड़ मार्ग पर वन्यजीवों से संभावित खतरे को लेकर सतर्कता रहा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में टीमें तैनात रहें और लगातार निगरानी की जाए, ताकि जंगल से गुजरने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो।

सिर्फ कागजों पर नहीं, मौके पर परखी व्यवस्थाएं
जिलाधिकारी ने पुलिस चौकी साहनपुर, मोटा महादेव मंदिर, चिड़ियापुर सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मोटा महादेव मंदिर परिसर में बनाए गए मेडिकल कैंप का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान चिकित्सा व्यवस्था 24 घंटे सक्रिय रहे और किसी भी शिवभक्त को आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।
कांवड़ यात्रा के दौरान गर्मी, थकान, चोट या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी स्थितियों को देखते हुए मेडिकल टीम की उपलब्धता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पानी, भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी देखी
निरीक्षण के दौरान शिवभक्तों के ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था भी परखी गई। प्रशासन के अनुसार मौके पर व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रा समाप्त होने तक पानी, मोबाइल शौचालय और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कांवड़ियों को फल वितरित कर उनकी यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं।
बिजली व्यवस्था मिली संतोषजनक
कांवड़ मार्ग पर विद्युत विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। डीएम के अनुसार बिजली व्यवस्था संतोषजनक मिली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्रा अवधि में किसी भी विभाग की व्यवस्था प्रभावित न हो और समस्या सामने आने पर उसका तत्काल समाधान कराया जाए।
कांवड़ मार्ग पर समन्वय सबसे बड़ी चुनौती
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन के सामने केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, यातायात, बिजली, पेयजल और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं को लगातार बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे में डीएम ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी नजीबाबाद, एसपी सिटी, खंड विकास अधिकारी नजीबाबाद तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।