85 प्रभावित परिवारों को किया राहत किट वितरित
जल स्तर कम होने पर कृषि क्षति का सर्वे एवं आकलन कर प्रभावित किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी सहायता राशि

बिजनौर, 13 अगस्त। गुरूवार को ग्राम रायपुर खादर के 85 प्रभावित परिवारों को चांदपुर की पूर्व विधायक कमलेश सैनी द्वारा राशन किट का वितरण किया गया। इसी क्रम में 14 अगस्त को ग्राम दत्तियाना के 49, जमालुद्दीनपुर के 35 तथा मीरापुर सीकरी के 140 प्रभावित परिवारों को राशन किट वितरित की जाएंगी। यह जानकारी उप जिलाधिकारी चांदपुर प्रशांत वर्मा ने दी।
उप जिलाधिकारी चांदपुर ने बताया कि प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि तहसील चांदपुर क्षेत्र में दिनांक 29 जुलाई से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से तहसील चांदपुर अंतर्गत मीरापुर सीकरी, सलेमपुर, दत्तियाना, सिंहाली, मुजफ्फरपुर खादर, जमालुद्दीनपुर, धीवरपुरा, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, कुम्हरिया, शुजातपुर खादर, खानपुर खादर आदि ग्रामों के खेतों में पानी भरने से किसानो के खेत में खड़ी फसल प्रभावित हुआ है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तहसील स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 02 मानव चालित नाव तथा 01 मोटरबोट की मांग की गई थी। जिसे अगस्त माह के शुरूआत में तहसील चांदपुर को उपलब्ध करा दी गई। उक्त नावों एवं मोटरबोट को बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया है।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि 08 अगस्त के बाद गंगा नदी का जलस्तर और बढ़ने के कारण मीरापुर सीकरी, सलेमपुर, दत्तियाना, सिंहाली, मुजफ्फरपुर खादर, जमालुद्दीनपुर, धीवरपुरा, रायपुर खादर तथा कुम्हरिया आदि ग्रामों की आबादी में भी पानी भर गया, जिससे कुछ परिवार प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों का राजस्व टीम द्वारा सर्वे कर सूचीबद्ध किया गया है तथा प्रभावित परिवारों को राशन किट एवं राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर से 500 राशन किट की मांग की गई है जिसमें से 320 राशन किट प्राप्त हो चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में गंगा नदी का पानी खेतों में भरा होने के कारण कृषि क्षति का आकलन किया जाना संभव नहीं है। जलस्तर कम होने एवं पानी उतरने के बाद राजस्व एवं कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से कृषि क्षति का सर्वे एवं आकलन कराया जाएगा तथा नियमानुसार पात्र प्रभावित किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

