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मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में सी-डी श्रेणी पर छह अधिकारियों को चेतावनी

नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा की, दिसंबर तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश, पेयजल योजना में सड़कें ठीक न कराने पर कार्यदायी संस्थाओं को कार्रवाई की चेतावनी

बिजनौर, 29 सितंबर। जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की खराब प्रगति पर छह विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

और 13 अगस्त को प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। इस दौरान अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर सी और डी श्रेणी प्राप्त करने वाली आठ योजनाओं से संबंधित छह विभागीय अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए।

नोडल अधिकारी ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने और विभागीय समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

सड़कें खोदकर छोड़ने पर सख्ती

ग्रामीण पाइप पेयजल योजना की समीक्षा में नोडल अधिकारी ने एलसी इंफ्रा और वीटीएल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधकों को कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों पर किए गए गड्ढों को सर्वाेच्च प्राथमिकता से भरकर सड़कें दुरुस्त कराने को कहा। लापरवाही मिलने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने आईजीआरएस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण कराने के निर्देश भी दिए।

85 में 55 योजनाएं ए श्रेणी में

समीक्षा में बताया गया कि अगस्त 2026 में जिले के 85 कार्यक्रमों और योजनाओं में 55 को ए, सात को बी, चार को सी और चार को डी श्रेणी मिली। 15 कार्यक्रम ऐसे रहे, जिनमें श्रेणी निर्धारित नहीं की जाती है।

सीडीओ रणविजय सिंह ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग के 36 उपकेंद्र और दो ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाए जाने हैं। इनमें 17 केंद्रों के लिए भूमि चिन्हित हो चुकी है और शेष के लिए प्रक्रिया जारी है।

ग्रामीण पाइप पेयजल योजना की प्रगति बताते हुए सीडीओ ने कहा कि फेज-2 में एलसी इंफ्रा को 301 योजनाओं का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें 178 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं फेज-3 में वीटीएल इंफ्रा को 608 योजनाओं का लक्ष्य दिया गया है, जिसके सापेक्ष में मात्र 86 योजनाएं ही पूर्ण हुईं हैं।

कृषि विभाग को मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने और पशुपालन विभाग को सभी पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए ब्लॉकवार सूची तैयार कर समीक्षा करने को कहा गया।

उद्यान, अतिरिक्त ऊर्जा, वन, समाज कल्याण, श्रम, उद्योग, ग्राम्य विकास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और पंचायती राज विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट स्मृति मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

विकासखंड हल्दौर की ग्राम पंचायत शरीफपुर में ग्रामीण पाइप पेयजल योजना की जमीनी स्थिति जांचने पहुंचे उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक एवं जनपद के नोडल अधिकारी योगेश कुमार

शरीफपुर में पेयजल योजना की जमीनी जांच

नोडल अधिकारी ने टैंक, पंप रूम और सोलर पैनल देखे; ग्रामीणों से पूछा- पानी नियमित और साफ मिल रहा है या नहीं

बिजनौर, 29 सितंबर। विकासखंड हल्दौर की ग्राम पंचायत शरीफपुर में ग्रामीण पाइप पेयजल योजना की जमीनी स्थिति जांचने पहुंचे उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक एवं जनपद के नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने ओवरहेड वॉटर टैंक, पंप रूम और सोलर पैनल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से योजना के संचालन और प्रगति की जानकारी ली।

नोडल अधिकारी ने ओवरहेड टैंक की सीढ़ियों के ऊपर जाल लगाने के निर्देश दिए, ताकि निरीक्षण और रखरखाव का कार्य सुरक्षित तरीके से किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार टैंक की अनुमानित कार्यशील अवधि 30 वर्ष है, जबकि विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 23 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं।

ग्रामीणों से लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों से पानी की गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति को लेकर सीधे फीडबैक लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पेयजल की गुणवत्ता और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पंप ऑपरेटर से पंप चलाने के समय और वेतन की जानकारी लेने के बाद उन्होंने कार्यदायी संस्था को योजना में कार्यरत कर्मचारियों को श्रम कानूनों के अनुरूप वेतन एवं अन्य देय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

शरीफपुर में योजना का कार्य वीटीएल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराया गया है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट स्मृति मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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