कमाई के साथ उत्सव: त्योहारों में कारोबार बढ़ाकर आर्थिक क्रांति लाएं
दलित इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की एससी-एसटी समुदाय के छोटे कारोबारियों से अपील, पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उठाने का आह्वान

नई दिल्ली। त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि छोटे कारोबारियों की आमदनी बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का भी सुनहरा मौका हैं। इसी सोच के साथ दलित इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के स्ट्रीट वेंडर्स, हॉकरों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों और घुमंतू विक्रेताओं से त्योहारों के सीजन में कारोबार बढ़ाने की अपील की है।
एसोसिएशन ने अपने समस्त प्रखंड प्रोत्साहकों, जिला समन्वयकों, कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग के महासचिवों तथा उपाध्यक्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि समुदाय को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता और स्वरोजगार को बढ़ावा देना जरूरी है। संगठन के मुख्यालय ने भी इस अभियान में सहयोग के लिए तत्परता जताई है।
एसोसिएशन के संदेश में कहा गया है कि जिन स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे कारोबारियों को सितंबर माह तक 10 हजार से 50 हजार रुपये तक का ऋण प्राप्त हुआ है, उन्हें त्योहारों के दौरान कारोबार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाए। विक्रेता बाजार की मांग के अनुसार सामान खरीदें, ग्राहकों की जरूरतों को समझें और उपलब्ध पूंजी का सदुपयोग करते हुए अपनी बिक्री बढ़ाने का प्रयास करें।
पीएम स्वनिधि योजना से कारोबार को मिल सकता है सहारा
छोटे कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। इस योजना की शुरुआत जून 2020 में स्ट्रीट वेंडर्स को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। केंद्र सरकार ने अगस्त 2025 में इसके विस्तार को मंजूरी देते हुए योजना को 31 मार्च 2030 तक जारी रखने का निर्णय लिया।
योजना के विस्तारित प्रावधानों के तहत पात्र विक्रेताओं के लिए पहले चरण में 15 हजार रुपये, दूसरे चरण में 25 हजार रुपये और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक ऋण की व्यवस्था की गई है। समय पर ऋण चुकाने वाले पात्र लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी तथा डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन का लाभ भी मिल सकता है। लाभ वास्तविक पात्रता और योजना के लागू नियमों के अनुसार मिलेगा।
त्योहारों की मांग को बनाएं कमाई का अवसर
दीपावली सहित त्योहारों के दौरान सजावटी सामान, मिट्टी के दीपक, कपड़े, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ती है। ऐसे में छोटे कारोबारी स्थानीय जरूरतों के अनुसार सामान उपलब्ध कराकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
एसोसिएशन ने अपने पदाधिकारियों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे लाभार्थियों को केवल ऋण दिलाने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें बेहतर खरीदारी, बिक्री, बचत और समय पर ऋण भुगतान के लिए भी मार्गदर्शन दें। कारोबारियों को अनावश्यक कर्ज से बचने तथा आमदनी और खर्च का नियमित हिसाब रखने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
पात्रता और आवेदन की जानकारी दें पदाधिकारी
पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी और आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in उपलब्ध है। पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित नगर निकाय, बैंक अथवा अधिकृत सहायता केंद्र से की जा सकती है।
दलित इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का संदेश है कि समुदाय के आर्थिक विकास के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। प्रखंड प्रोत्साहकों और जिला समन्वयकों की सक्रिय भागीदारी से छोटे कारोबारियों को वित्तीय सहायता का लाभ उठाने तथा अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
डॉ. जितेन्द्र पासवान के नेतृत्व में दलित इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का संकल्प—एससी-एसटी समुदाय के लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना।


