बिजनौर। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बिजनौर की ओर से शहर की नुमाइश (प्रदर्शनी) में देहदान और अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष शिविर लगाया गया। शिविर का उद्देश्य आमजन को अंगदान एवं देहदान के महत्व की जानकारी देना और इस दिशा में लोगों को प्रेरित करना रहा।
शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अंगदान और देहदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को जीवन और दृष्टि प्रदान करने के साथ चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान में भी योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने लोगों से इस पहल से जुड़ने की अपील की।
प्रधानाचार्या ने स्वयं भरा अंगदान का संकल्प पत्र
मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. चौधरी ललिता ने शिविर में लोगों को पंपलेट वितरित कर अंगदान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने स्वयं अंगदान का संकल्प लेते हुए दान-पत्र भरा और लोगों को भी इसके लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देहदान और अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी जानकारी
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज बर्मन ने नेत्रदान के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कॉर्निया दान के माध्यम से दृष्टिहीन व्यक्ति को दृष्टि प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
शरीर रचना विज्ञान विभाग के डॉ. विदित दीक्षित ने देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए दान की गई देह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने लोगों से देहदान के प्रति व्याप्त भ्रांतियों को दूर कर जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
डॉ. पेटसन ने अंगदान की प्रक्रिया और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी तथा लोगों के सवालों का जवाब दिया।कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्या डॉ. चौधरी ललिता ने आयोजन में सहयोग करने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों का आभार जताया।
इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री विनोद राठी, भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष ओमवीर राणा और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता जयवीर राठी मौजूद रहे। मेडिकल कॉलेज की ओर से प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. अमरदीप, डॉ. खुशबु यादव, डॉ. शोभिता, डॉ. निखिल, डॉ. राहुल, डॉ. उज्जवल, डॉ. उत्कर्ष सहित अन्य चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


