प्रार्थना सभा में अब कानून का पाठर: बच्चों को पॉक्सो एक्ट समझाएंगे न्यायिक अधिकारी
25 सितंबर से एक अक्टूबर तक कक्षा 9 से 12 के विद्यालयों में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण, कानूनी अधिकार और पॉक्सो के प्रावधानों की दी जाएगी जानकारी

बिजनौर, 24 सितंबर। किशोरों और बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण तथा उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिले के विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 25 सितंबर से एक अक्टूबर तक न्यायिक अधिकारी विभिन्न विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों और इसके तहत होने वाली कानूनी कार्रवाई की जानकारी देंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ईसी) लोकेश नागर ने जिला विद्यालय निरीक्षक को कक्षा नौ से 12 तक के सरकारी और अन्य बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों की तहसीलवार सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके आधार पर न्यायिक अधिकारियों के विद्यालय भ्रमण का कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाती चंद्रा ने बताया कि 25 सितंबर से एक अक्टूबर तक प्रत्येक कार्य दिवस पर कक्षा नौ से 12 तक के विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान जागरूकता कार्यक्रम होंगे। विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के प्रावधानों, उनके अधिकारों और सहायता के कानूनी विकल्पों की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर प्रभात फेरी, चित्रकला प्रतियोगिता समेत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे




