ग्रेटर नोएडा, 25 सितंबर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक स्थिति में बदलाव का दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में कभी अपराध और अवैध हथियारों का कारोबार चर्चा में रहता था, लेकिन अब रक्षा उत्पादन, वाहन निर्माण और मेडिकल उपकरण जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।
अमित शाह शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। पांच दिवसीय यह आयोजन 29 सितंबर तक चलेगा। इसमें 2,400 से अधिक प्रदर्शक और विभिन्न देशों के विदेशी खरीदार शामिल हो रहे हैं।
‘कट्टा उद्योग’ से डिफेंस कॉरिडोर तक का दावा
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक समय शहर-शहर वाहन चोरी और अवैध हथियार निर्माण जैसी गतिविधियां होती थीं। उनके अनुसार, अब उसी प्रदेश में कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर, वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी औद्योगिक गतिविधियां विकसित हो रही हैं। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रदेश की मौजूदा सरकार की कानून-व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों और निवेश को बढ़ावा देने वाली पहलों को दिया।
छह स्थानों पर विकसित हो रहा डिफेंस कॉरिडोर
गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में छह नोड विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में रक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़ा निवेश किया जा रहा है।
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा। इसी अवधि में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये रहा, जो 2013-14 के 686 करोड़ रुपये के मुकाबले 56 गुना से अधिक है। भारतीय रक्षा उत्पाद अब 80 से अधिक देशों को निर्यात किए जा रहे हैं।
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में निर्मित एके-203 राइफल सहित रक्षा क्षेत्र की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश देश की रक्षा विनिर्माण क्षमता में योगदान दे रहा है।
निवेश के लिए कानून-व्यवस्था और औद्योगिक नीति पर जोर
अमित शाह ने कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय प्रशासन और उद्योगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में सुधार के कारण उत्तर प्रदेश निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य ने एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है और उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक प्रगति के प्रमुख इंजन के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
ओडीओपी से पारंपरिक उद्योगों को बाजार
गृह मंत्री ने एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों और हस्तशिल्प को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
उन्होंने भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की रेशमी साड़ी जैसे उत्पादों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों से जोड़ने से रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ सकते हैं।
ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शक
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में इस बार 2,400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं और 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी की जानकारी दी गई है। आयोजन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, एमएसएमई, हस्तशिल्प, विनिर्माण और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।
अमित शाह ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से प्रदेश के उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने और निवेश की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।




