
बिजनौर, 7 जुलाई।’
जनपद की विद्युत सखियों को बिजली बिल संग्रहण कार्य को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को निःशुल्क थर्मल प्रिंटर वितरित किए गए। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कन्वर्जेंस समिति की बैठक के दौरान यह वितरण किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि थर्मल प्रिंटर उपलब्ध होने से विद्युत सखियां बिजली बिल जमा करने के तुरंत बाद उपभोक्ताओं को मौके पर ही रसीद उपलब्ध करा सकेंगी। इससे बिल संग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्य में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान में 509 विद्युत सखियां कार्यरत हैं, जो गांव-गांव और घर-घर जाकर बिजली बिल का संग्रह करती हैं। इनके माध्यम से प्रत्येक माह दो करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल का संग्रहण किया जाता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि विद्युत सखी योजना उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित की जा रही है। योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इससे वे प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से इस प्रकार के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, डीसी मनरेगा, विद्युत विभाग के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्युत सखियां उपस्थित रहीं।