
नई दिल्ली। काकामिगाहारा, जापान। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब लगातार दूसरी बार जीतने की उपलब्धि हासिल की। इससे पहले भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था।
इस स्वर्णिम जीत का एक और बड़ा महत्व है। एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है।
फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को बढ़त दिलाई। मलेशिया ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने दूसरे हाफ में अपने खेल की रफ्तार बढ़ा दी और लगातार दबाव बनाते हुए मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली।
तीसरे क्वार्टर तक भारत ने 3-1 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रमण जारी रखा और अंतिम क्वार्टर में दो और गोल दागकर स्कोर 5-1 कर दिया। मलेशियाई रक्षा पंक्ति भारतीय हमलों के सामने लगातार दबाव में नजर आई।
भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम ने इससे पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को बेहद रोमांचक मुकाबले में 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।
हॉकी में भारत का डबल गोल्ड
उल्लेखनीय है कि एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी के लिए यह लगातार दूसरी बड़ी स्वर्णिम सफलता है। इससे एक दिन पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। महिला टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में हॉकी का स्वर्ण हासिल किया और इसके साथ ही लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए भी सीधा क्वालीफिकेशन हासिल किया।
इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक का टिकट पक्का किया है।




