
बिजनौर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देश और जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर संजय कुमार सप्तम के मार्गदर्शन में 25 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पोक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों, विधिक परिणामों और आत्मसुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।
मंगलवार को गवर्नमेंट हाई स्कूल, बिसाट में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) अर्पणा पाण्डेय की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को पोक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। बताया गया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण, छेड़छाड़ और अश्लील सामग्री से जुड़े अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है। पैनल अधिवक्ता आनंद कश्यप ने अधिनियम के तहत आने वाले विभिन्न अपराधों और उनके लिए निर्धारित दंड की जानकारी दी। कार्यक्रम में करीब 60 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज, बिजनौर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वाति चन्द्रा की अध्यक्षता में छात्राओं और शिक्षिकाओं को पोक्सो अधिनियम तथा आत्मसुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान कृष्णा कॉलेज ऑफ लॉ के विधि प्रोफेसरों और छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में करीब 369 छात्राओं और 22 शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
वहीं महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, मंडावर में अपर सिविल जज (सीडि.) अजय कुमार चतुर्थ की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को पोक्सो अधिनियम की उपयोगिता और बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में करीब 630 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
किसान इंटर कॉलेज, पीलीचौकी में सिविल जज (जू.डि.) स्वाति वर्मा ने छात्र-छात्राओं को पोक्सो अधिनियम के साथ-साथ नालसा हेल्पलाइन 1500, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस हेल्पलाइन 112 के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में करीब 250 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
जागरूकता अभियान के माध्यम से छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, आत्मसुरक्षा और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।


