बिजनौर में 19 ग्राम समूहों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल
विशेष रोजगार सृजन दिवस पर 25 लाभार्थियों को एग-कार्ट, चिकन कॉप और प्रमाणपत्र वितरित, अंडा उत्पादन बढ़ाने पर जोर


बिजनौर। ग्रामीण महिलाओं और अन्य लाभार्थियों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा जिले में अंडा उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में 19 ग्राम समूहों की महिला लाभार्थियों और छह अन्य लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान कुल 25 लाभार्थियों को एग-कार्ट, चिकन कॉप और प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम में राष्ट्रीय एग कोऑर्डिनेशन कमेटी और पशुपालन विभाग का सहयोग रहा। इसमें राष्ट्रीय एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (एनईसीसी) चंडीगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजीत सिंह, उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी पशुधन विकास डॉ. सुधीर कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वरोजगार के साथ पोषण सुधारने पर जोर
इस मौके पर नेशनल एग कॉ-ओर्डिनेशन कमेटी के सीईओ अजीत सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य लाभार्थियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जिले में अंडे की खपत बढ़ाना है। ताकि, रोजगार के अवसरों के साथ आम लोगों को पौष्टिक आहार भी उपलब्ध हो सके। कार्यक्रम में लाभार्थियों को स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों पर जोर दिया गया।
25 लाभार्थियों की सूची जारी
पशुपालन विभाग की ओर से जारी सूची में विभिन्न विकास खंडों के उन 25 लाभार्थियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें एग कार्ट आवंटित किया गया है। इनमें नजीबाबाद, जलीलपुर, धामपुर, अफजलगढ़, नूरपुर, हल्दौर, नहटौर, किरतपुर, स्योहारा और अन्य विकास खंडों के लाभार्थी शामिल हैं। कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों ने लाभार्थियों का उत्साहवर्धन किया और स्वरोजगार की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।


