मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेस-वे…109 गांवों में भूमि क्रय की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
107 गांवों में आपसी सहमति से जमीन खरीदने के लिए दर निर्धारण की कार्रवाई, शेष दो गांवों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराने की तैयारी
बिजनौर। मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए बिजनौर में भूमि क्रय की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को परियोजना की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को भूमि की दर निर्धारित करने, परिसंपत्तियों का मूल्यांकन करने और अन्य जरूरी औपचारिकताएं प्राथमिकता से पूरी करने को कहा। परियोजना के दायरे में जिले की तीन तहसीलों के कुल 109 गांव शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार, तहसील सदर के 62, चांदपुर के 34 और नजीबाबाद के 13 गांव परियोजना में शामिल हैं। इन गांवों का भू-अर्जन प्लान (एलएपी) यूपीईडा की ओर से जिलाधिकारी को भेजा गया था। आवश्यक संशोधनों के बाद संशोधित प्लान यूपीईडा को वापस भेज दिया गया है।
107 गांवों में भूमि की दर तय करने की प्रक्रिया
भूमि क्रय की प्रक्रिया के तहत 109 में से 107 गांवों में किसानों की आपसी सहमति से जमीन खरीदने के लिए दर निर्धारण की कार्रवाई चल रही है। इन गांवों के संबंध में विज्ञप्ति प्रकाशित कराई जा चुकी है। शेष दो गांवों में भूमि क्रय संबंधी विज्ञप्ति प्रकाशित कराने के लिए 6 अक्टूबर 2026 को पत्र भेजा गया था। प्रशासन के अनुसार, इन गांवों में भी विज्ञप्ति प्रकाशित कराने की कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित तहसीलों के तहसीलदार भूमि की दर निर्धारित करने की प्रक्रिया में जुटे हैं, जबकि लोक निर्माण विभाग भूमि पर मौजूद परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दर निर्धारण के संबंध में प्रस्तुत रिपोर्ट में उपनिबंधकों के साथ एआईजी स्टांप को भी शामिल किया जाए।
पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों का होगा सर्वे
जिलाधिकारी ने एक्सप्रेसवे के संरेखण में आने वाले पेड़ों को कटवाने के संबंध में जिला वन अधिकारी से समन्वय कर आवश्यक अनुमति की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, प्रस्तावित मार्ग में आने वाली भूमि के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों और खंभों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
उन्होंने राजस्व कर्मियों को भूमि क्रय की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के साथ यह भी निर्देश दिया कि दर निर्धारण और अन्य औपचारिकताओं में किसी तरह की अनियमितता या त्रुटि न हो। प्रशासन का कहना है कि किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर आपसी सहमति के आधार पर भूमि क्रय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक शरद कुमार पाल, संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।



