50 बेड के आयुष अस्पताल के लिए एक एकड़ जमीन चिह्नित करने के निर्देश
जिला आयुष समिति की बैठक में डीएम ने की विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा, पार्क में योग प्रशिक्षण कराने पर दिया जोर
बिजनौर। जिले में 50 बेड के आयुष एकीकृत अस्पताल की स्थापना की दिशा में जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने भूमि चिह्नांकन की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में जिला आयुष समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अस्पताल के लिए निर्धारित एक एकड़ भूमि चिह्नित कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा शामिल हैं। इन पद्धतियों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागीय व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
ऑनलाइन उपस्थिति की भी हुई समीक्षा
बैठक में आयुष विभाग की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति आयु अटेंडेंस एप के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। इसके अलावा विदुर कुटी सेवा आश्रम में चिकित्सकों, योग प्रशिक्षकों और योग सहायकों की नियमित ड्यूटी लगाई जा रही है।
अस्पताल के बजाय पार्क में योग प्रशिक्षण कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने योग प्रशिक्षकों और योग सहायकों को निर्देश दिए कि वे पार्क में लोगों को योगाभ्यास और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि खुले स्थान पर योग प्रशिक्षण की व्यवस्था अधिक उपयुक्त है। इसलिए अस्पताल के अंदर योग प्रशिक्षण कराने के बजाय निर्धारित पार्क में इसे प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
बैठक में आयुष चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने, प्रस्तावित अस्पताल के लिए भूमि चिह्नांकन और योग प्रशिक्षण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।




