
मेरठ, 3 अक्टूबर। व्यापारियों की आजीविका, रोजगार और कारोबार से जुड़े मुद्दों को लेकर मेरठ के प्रमुख बाजारों में विरोध का अभियान जारी है। संयुक्त व्यापार संघ के अनुसार, पिछले तीन दिनों में शहर के विभिन्न बाजारों में करीब 17 हजार काले झंडे दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लगाए गए हैं।
शुक्रवार को केसरगंज, सदर बाजार, मेहताब सिनेमा क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट नगर, कंकरखेड़ा और गढ़ रोड समेत कई बाजारों में व्यापारियों ने दुकानों पर काले झंडे लगाकर शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों का विरोध किसी व्यक्ति, सरकार या न्यायालय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापारी न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए अपनी समस्याओं और आजीविका से जुड़ी चिंताओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। संगठन ने केंद्र सरकार से व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है।
संघ के महामंत्री संजय जैन ने प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यापारिक व्यवस्था, आजीविका की सुरक्षा और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर ठोस पहल की मांग की। उनका कहना है कि व्यापारियों में कारोबार और भविष्य को लेकर चिंता है।
संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों संजीव जिंदल, विकास गिरधर और अमित बंसल ने भी कहा कि अभियान का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि व्यापारियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाकर वार्ता का अवसर प्राप्त करना है। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय संवाद की मांग की।
केसरगंज व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने कहा कि व्यापारी वर्षों की मेहनत से कारोबार खड़ा करते हैं और यही उनके परिवारों की आजीविका का आधार होता है। वहीं, संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता ने काले झंडे लगाए जाने को व्यापारियों की सामूहिक चिंता का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया गया प्रदर्शन बताया।
व्यापारी संगठन का कहना है कि अब उनकी मांग है कि संबंधित विषय पर सरकार और प्रभावित व्यापारियों के बीच संवाद स्थापित हो तथा आजीविका और कारोबार से जुड़े मामलों के समाधान के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।




