
खास प्रस्तुति : रवींद्र कुमार
बिजनौर। सोमवार, 29 जून 2026 को बिजनौर की सड़कें केवल लोगों की भीड़ से नहीं, बल्कि ’’संत कबीर साहेब के विचारों की गूंज’’ से भर उठीं। अवसर था संत शिरोमणि कबीर साहेब की ’’629वीं प्राकट्य जयंती’’ का। जब हजारों समाजबंधु, महिलाएं, युवा और बच्चे एक साथ सड़कों पर उतरे। हाथों में ध्वज, होठों पर कबीर वाणी और दिलों में सामाजिक समरसता का संदेश लेकर निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना के रंग में रंग दिया।

भुइयार समाज उत्थान समिति एवं भुइयार समाज सेल्फ केयर समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशाल आयोजन का शुभारंभ नूरपुर विधानसभा सीट से सपा विधायक रामावतार सैनी, साध्वी ’’प्राची’’, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर चौधरी तथा नगर पालिका परिषद बिजनौर की अध्यक्ष इंद्रा सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया।
इंद्राबाल भवन, नुमाइश ग्राउंड से शुरू हुई शोभायात्रा कचहरी रोड, विकास भवन, रोडवेज चौराहा, डाकघर चौराहा, नगर पालिका और सिविल लाइन सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई राजमिलन बैंक्वेट हॉल पहुंची। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा करके शोभायात्रा का स्वागत किया। शहर में कई घंटों तक संत कबीर साहेब के संदेश, भजन और जयघोष गूंजते रहे।
“जाति नहीं, ज्ञान बड़ा है” गोष्ठी में गूंजा कबीर का संदेश

शोभायात्रा संपन्न होने के बाद राजमिलन बैंक्वेट हॉल में आयोजित विचार गोष्ठी का शुभारंभ विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज पारस ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में पॉवर कॉर्पाेरेशन, विद्युत विभाग, लखनऊ के कॉन्ट्रैक्ट विपिन कुमार बतौर मुख्य अतिथि और आईआरएस अधिकारी एवं असिस्टेंट कमिश्नर, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली से सुरेन्द्र सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विपिन कुमार एवं विशिष्ट अतिथि सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि आज जब समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब संत कबीर का सत्य, समानता, भाईचारा और मानवता का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ें। संगठित होकर अपने हितों की रक्षा करें, और हकों की खातिर संघर्ष करना होगा।
क्योंकि, एकता में ही वो ताकत है, जो हमें हमारे समस्त संवैधानिक अधिकार दिला सकती है।
उन्होंने राजनीतिक पहचान कायम करने पर भी जोर दिया। कहा कि समाज को शिक्षा के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र में ध्यान देना होगा। क्योंकि, “राजनीति को सभी खजानों की चाबी” माना जाता है। कहने का अर्थ है कि समाज का व्यक्ति राजनीति में होगा, तो अपने सरकार से समाज की आवाज को सुदृढ़ता से रख सकेगा। गोष्ठी को सपा विधायक नगीना मनोज पारस और नहटौर की भावी प्रत्याशी कमलेश भुइयार आदि ने भी संबोधित किया।
’’कबीर का संदेश, आज की जरूरत’’

कार्यक्रम केवल जयंती मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश देकर गया कि ’’संत कबीर के विचार आज भी सामाजिक समरसता, शिक्षा, समानता और मानवता की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।’’ बिजनौर में उमड़ी हजारों लोगों की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि कबीर केवल इतिहास के संत नहीं, बल्कि वर्तमान समाज की आवश्यकता हैं।
भंडारे में उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अतिथियों और समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया। अतिथियों, समिति कार्यकर्ताओं एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले भुइयार बंधुओं को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। आयोजन में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

संगठन की एकजुटता बनी आयोजन की सबसे बड़ी ताकत
कार्यक्रम को सफल बनाने में भुइयार समाज उत्थान समिति के संरक्षक राजपाल भुइयार, अध्यक्ष करण पाल सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष बलबंत सिंह, महामंत्री बलजीत सिंह, कोषाक्ष्यक्ष सुभाष सिंह, उप कोषाध्यक्ष महा सिंह, पूर्व प्रधान विजयपाल सिंह, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, भोपाल सिंह, शेर सिंह, सुरेश कुमार, पवन कुमार, देवानंद भुइयार, चरन सिंह, रीता भुइयार आदि भुइयार समाज के गणमान्य लोगों सहित भारी संख्या में समाज के लोगों ने भागीदारी की। वहीं, बीएसएससीटी के अध्यक्ष अजयपाल सिंह और उनकी समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का भी प्रशंसनीय सहयोग रहा।