
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे विवादों के बीच आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं, वे भी चुनाव में वोटों की कथित गड़बड़ी में शामिल हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग की कथित गड़बड़ियों के कारण सपा की सरकार नहीं बन सकी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद पार्टी ने आरोप लगाया था कि सपा समर्थकों के वोट काटे गए थे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि 2017 में पार्टी चुनावी प्रक्रिया को लेकर यह मानती थी कि चुनाव आयोग ईमानदारी और निष्पक्षता से काम कर रहा है, लेकिन बाद में उन्हें ऐसा नहीं लगा। उनके मुताबिक, चुनाव में गड़बड़ी लंबे समय से हो रही थी, जो अब सामने आ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने गांव-गांव से मतदाताओं के नाम हटवाने की कोशिश की और बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा कराए। अखिलेश ने दावा किया कि लखनऊ में एक व्यक्ति ने 100 से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किए, जबकि उनके अनुसार एक व्यक्ति अधिकतम पांच मतदाताओं के खिलाफ ही यह फॉर्म दे सकता है।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री चुनावी गड़बड़ी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वे भी इस कथित गड़बड़ी में शामिल हैं।


