
लखनऊ। वृंदावन स्थित गऊ कृपा कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण महाराज की मौत के मामले में पुलिस जांच कर रही है। शुक्रवार सुबह करीब 10ः30 बजे दीपक आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। उन्हें आश्रम के अन्य साधक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज पुलिस की जांच में सामने आया है। फुटेज के अनुसार दीपक छत से नीचे गिरते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने आश्रम और आसपास लगे कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर ली है।
पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना करीब दो घंटे बाद मथुरा के एक अस्पताल से मिली। इसके बाद पुलिस ने आश्रम पहुंचकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने आश्रम के कमरे समेत कई स्थानों से नमूने लिए हैं।
कमरे से ग्राइंडर और कटा हुआ मिला प्राइवेट पार्ट
पुलिस जांच में आश्रम के कमरे से खून से सना ग्राइंडर और एक कटा हुआ अंग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि दीपक की मौत से पहले उनके शरीर पर चोट कैसे लगी। पुलिस के अनुसार घटना के समय कमरे में दीपक के अलावा कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। उनके साथ रहने वाला दूसरा साधक पहले ही कमरे से निकल चुका था और उसकी गतिविधियां भी सीसीटीवी में दर्ज हैं।
वृंदावन के सीओ संदीप सिंह के अनुसार, आश्रम में रहने वाले अन्य साधकों से भी पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों और संतों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
जबलपुर से पहुंचे दीपक के परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं वृंदावन के कुछ संतों ने भी घटना की गहन जांच कराने की मांग की है। कुछ संतों ने आत्महत्या के लिए उकसाने की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस फिलहाल सीसीटीवी और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
2025 में वृंदावन आए थे दीपक
पुलिस और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जबलपुर निवासी दीपक लोधी वर्ष 2025 में वृंदावन आए थे। वह संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायी थे और गऊ कृपा कुंज आश्रम में अन्य साधकों के साथ रहते थे। आश्रम में करीब 40-50 साधकों के रहने की जानकारी सामने आई है।

