

जिलाधिकारी जसजीत कौर गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक करती हुईं।
बिजनौर 20 अगस्त। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से संबंधित प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की। डीएम ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना कार्यक्रम में ‘डी’ श्रेणी मिलने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को फटकार लगाई और सुधार के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने ने पाया कि जुलाई 2026 तक की प्रगति में प्रदेश भर में जनपद बिजनौर को विकास व राजस्व कार्य में सम्मिलित रूप से 31 ‘सी’ रैंक प्राप्त हुई है। कुल 85 विकासपरक कार्यक्रमों व परियोजनाओं में से 58 में ‘ए’ श्रेणी, 06 में ‘बी’ श्रेणी, 02 में ‘सी’ श्रेणी तथा 01 में ‘डी’ श्रेणी प्राप्त हुई है। 18 कार्यक्रम ऐसे हैं जिनमें कोई श्रेणी नहीं दी जाती है।
जिलाधिकारी ने ‘डी’ श्रेणी प्राप्त मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना कार्यक्रम की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी को जमकर फटकार लगाई और रैंकिंग में सुधार के निर्देश दिये। दूसरी ओर डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में परिषदीय विद्यालयों को जाने वाले रास्तों पर सीसी रोड या इंटरलॉकिंग का कार्य शीघ्र कराये। उन्होंने फैमिली आईडी के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए।
डीएम ने आईजीआरएस के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फीडबैक में सुधार करने के लिए भी कहा। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के उप केंद्रो के निर्माण के संबंध में भी समीक्षा करते हुए कहा की जिन उपकेद्रों के लिए जमीन का चिन्हांकन अभी तक नहीं हो पाया है जल्द से जल्द जमीन का चिन्हांकन करके निर्माण कार्यों को प्रारंभ कराये जायें। बैठक के दौरान विभिन्न तहसीलों में लंबित राजस्व वादों आदि प्रकरणों पर तथा अन्य विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा की व आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अधिकारियों को पूरे मनोयोग से शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने तथा रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने दिसंबर तक सभी विकासपरक कार्यक्रम पूर्ण करने का निर्देश भी अधिकारी को दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देवेन्द्र पाल सिंह सहित अन्य संबंधित विभागो के अधिकारी मौजूद रहे।

