
बिजनौर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह-वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत रविवार को सपा कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से विकास भवन स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा को लेकर नारे लगाए।
पैदल मार्च का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने किया। मुरादाबाद की सांसद कुंवरानी रुचि वीरा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लेकर जिला कार्यालय से विकास भवन की ओर रवाना हुए।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘लोकतंत्र बचाओ’ जैसे नारे लगाए। सपा की महिला कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के चित्र के साथ विरोध जताते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।

विकास भवन पहुंचने के बाद मार्च डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष समाप्त हुआ। यहां संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत वयस्क मताधिकार की व्यवस्था का उल्लेख किया गया और राष्ट्रगान के बाद कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान तथा मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया।
‘चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह हो’-सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल
सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद जनता का मत और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था है। मतदाता सूची, मताधिकार अथवा चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का संदेह पैदा होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से लेकर मतदान तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह होनी चाहिए।
हनी फैसल ने कहा कि पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है। उन्होंने कहा कि मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के संदेश को गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाएगी तथा लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी। उनके अनुसार पैदल मार्च किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा की मांग को लेकर था।
मार्च में डॉ. रमेश तोमर, नईम उल हसन, मूलचंद चौहान, दीपक सैनी, धनंजय यादव, चिराग सेठी, राशिद हुसैन, स्वाती वीरा, डॉ. शाहबाज, राहुल चौधरी, हेमंत कुमार, सरिता सैनी, महेंद्र पाल सिंह, सरदार अवतार सिंह, नवाब मंसूरी, शादाब हैदर, डॉ. लुकमान हैदर, पंकज बिश्नोई, अमित कुमार, मोहसिन अंसारी, चौधरी दारा सिंह, ठाकुर योगेंद्र सिंह, राजपाल विश्वकर्मा, संजय पाल, रफीक अहमद, सलमा, रजत त्यागी, जुल्फिकार कुरैशी, नासिर अंसारी, संजीव यादव, वसीम कुरैशी, नीरज यादव, सरदार अरविंद सिंह, सलाउद्दीन गुड्डू, जावेद राईन, बबलू प्रधान, सिराज जैदी और अहमद खिजर खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


