
लखनऊ। पालि भाषा एवं बौद्ध अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के बौद्ध दर्शन विद्याशाखा अंतर्गत पालि अध्ययन एवं अनुसन्धान केन्द्र ने एक वर्षीय ऑनलाइन “व्यावहारिक पालि व्याकरण डिप्लोमा प्रोग्राम (DPAPG)” में प्रवेश प्रारम्भ कर दिए हैं। यह पाठ्यक्रम पूर्णतः ऑनलाइन संचालित होगा तथा अध्ययन का माध्यम हिन्दी रहेगा।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पालि भाषा का पूर्व ज्ञान आवश्यक नहीं है। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं) उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। ऑनलाइन कक्षाएँ प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित की जाएँगी, ताकि नौकरीपेशा, शिक्षक, गृहिणियाँ, किसान, व्यवसायी तथा विद्यार्थी अपनी दैनिक व्यस्तताओं के बाद भी सहज रूप से अध्ययन कर सकें।
पाठ्यक्रम के माध्यम से अभ्यर्थियों को पालि भाषा एवं व्याकरण की मजबूत आधारशिला, त्रिपिटक एवं बौद्ध साहित्य का मूल भाषा में अध्ययन, अनुवाद एवं लेखन कौशल के साथ-साथ उच्च शिक्षा, शोध और अध्यापन के लिए आवश्यक शैक्षणिक आधार प्राप्त होगा।
विश्वविद्यालय ने इच्छुक अभ्यर्थियों से 25 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन करने का आग्रह किया है तथा अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते प्रवेश सुनिश्चित करने की अपील की है।
