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केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में एम.ए. (पालि) प्रवेश प्रारम्भ

पालि अध्ययन एवं अनुसन्धान केन्द्र में शैक्षणिक सत्र 2026–27 हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित, 15 जुलाई तक करें आवेदन

लखनऊ। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर स्थित पालि अध्ययन एवं अनुसन्धान केन्द्र द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए एम.ए. (पालि) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु Non-CUET संस्थास्तरीय प्रवेश परीक्षा (Phase–III) के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पालि भाषा, बौद्ध दर्शन, तिपिटक साहित्य एवं भारतीय ज्ञान परम्परा में उच्च अध्ययन करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।

विश्वविद्यालय के अनुसार, एम.ए. (पालि) पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को पालि भाषा का व्यवस्थित एवं व्यावहारिक अध्ययन, तिपिटक, अट्ठकथा, टीका एवं पालि साहित्य का गहन अध्ययन, बौद्ध दर्शन, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों का समन्वित अध्ययन, अनुभवी आचार्यों के मार्गदर्शन में शोधोन्मुख शिक्षण, समृद्ध पुस्तकालय एवं डिजिटल अध्ययन संसाधनों की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह पाठ्यक्रम UGC-NET/JRF, शोध, अध्यापन तथा भारतीय एवं वैश्विक बौद्ध अध्ययन के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।

प्रवेश के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। पाठ्यक्रम की अवधि दो वर्ष (चार सेमेस्टर) निर्धारित की गई है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

– ऑनलाइन पंजीकरण प्रारम्भ : 01 जुलाई 2026

– ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि : 15 जुलाई 2026 (रात्रि 11:59 बजे तक)

– प्रवेश परीक्षा (प्रस्तावित) : 17 जुलाई 2026

– परिणाम घोषणा : 20 जुलाई 2026

– दस्तावेज़ सत्यापन एवं शुल्क जमा : 21 से 27 जुलाई 2026

अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल https://sanskritadm.samarth.edu.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय से संबंधित विस्तृत जानकारी https://www.sanskrit.nic.in पर उपलब्ध है।

अध्ययन केन्द्र का पता:

पालि अध्ययन एवं अनुसन्धान केन्द्र

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर

गोमती नगर, लखनऊ – 226010

विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं पालि-बौद्ध अध्ययन में रुचि रखने वाले अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने तथा इस प्रवेश सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की अपील की है।

“पालि भाषा केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध की अमूल्य वाणी, भारतीय ज्ञान-परम्परा तथा करुणा, प्रज्ञा और शान्ति का जीवंत आधार है।”

“सब्बे सत्ता सुखिनो होन्तु।” 🙏

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