जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक : एनीमिया मुक्त भारत अभियान में बिजनौर प्रदेश में 5वें स्थान पर
थैलेसीमिया रोगियों को रक्त उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की समस्या न हो-डीएम

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक अध्यक्षता करती हुईं जिलाधिकारी जसजीत कौर।
बिजनौर, 22 अगस्त। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने थैलेसीमिया रोगियों के उपचार के संबंध में निर्देश दिए कि ब्लड बैंक द्वारा आवश्यकता के अनुसार रोगियों को रक्त उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित कराने के निर्देश भी दिए, ताकि रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने जनपद में जलभराव वाले क्षेत्रों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां वाटर लागिंग हुई है, वहां स्वास्थ्य कैंप लगाए जाएं तथा फांगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाए, ताकि संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम की जा सके।
बैठक में परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक केवल 07 पुरुष ने जबकि 729 महिला नसबंदी कराई है। बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान में बिजनौर जिला प्रदेश भर में पांचवें स्थान पर है। जिलाधिकारी ने अभियान को और प्रभावी बनाते हुए एनीमिया की रोकथाम एवं उपचार के लिए आवश्यक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी जसजीत कौर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित करतीं हुर्ह।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के उपरांत जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। बैठक में एसएएम बच्चों को चिन्हित करने के लिए संचालित संभव अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अभियान के अंतर्गत पात्र बच्चों की समय से पहचान, उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं टेली मानस पोर्टल की समीक्षा करते हुए बताया गया कि मस्तिष्क संबंधी बीमारियों एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 14416 संचालित है। जिलाधिकारी ने इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
वहीं जननी सुरक्षा कार्यक्रम की समीक्षा में पाया गया कि 6,511 डिलीवरी के सापेक्ष 4,918 लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है, जो कुल भुगतान का 75.33 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने शेष लाभार्थियों को नियमानुसार शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बेड आंक्यूपेंसी दर 75 प्रतिशत पाई गई।
उधर, टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि 19 अगस्त 2026 तक एचपीवी टीकाकरण में 77 प्रतिशत उपलब्धि तथा अप्रैल से जुलाई 2026 तक पूर्ण टीकाकरण में 93 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई है। जिलाधिकारी ने टीकाकरण की प्रगति को और बेहतर करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2026 में अब तक 8,189 क्षय रोगियों का उपचार किया जा रहा है, जिनमें से 7,506 क्षय रोगियों को निश्चय मित्र संस्थाओं एवं अधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है। जिलाधिकारी ने निश्चय मित्र कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने तथा क्षय रोगियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे सभी कार्यों की प्रगति समय से आंनलाइन फीड की जाए, ताकि योजनाओं की वास्तविक प्रगति प्रदर्शित हो और विभागीय प्रगति प्रतिशत में सुधार हो सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कौशलेंद्र सिंह सहित मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, समस्त एमओआईसी एवं स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

