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समण संघ की 1936वीं ऑनलाइन बैठक में संगठन की मजबूती और सामाजिक बदलाव पर मंथन राष्ट्रीय पंचायत, बिजनौर। समण संघ परिवार की 1936वीं लगातार ऑनलाइन बैठक 22 अगस्त को जूम के माध्यम से आयोजित हुई। रात 8 बजे से 10:30 बजे तक चली बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समणों ने भाग लिया और संगठन की विचारधारा, कार्यप्रणाली तथा सामाजिक परिवर्तन को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। बैठक का मुख्य विषय ‘समण सबसे बड़ा है’ रहा। वक्ताओं ने धरना, प्रदर्शन, रैलियों और भाषणों की बजाय संगठनात्मक मजबूती, वैचारिक जागरूकता और सकारात्मक कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक परिवर्तन को स्थायी बनाने के लिए मजबूत संगठन और स्पष्ट विचारधारा आवश्यक है। बैठक में ‘मैं समण हूँ’ 1000 दिन के कैंपेन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अभियान से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और इसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना, संघगान और परिचय के साथ शुरुआत हुई। समण डी.एल. सागर ने एंकर कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी निभाई। समण लखपत सिंह, समण ब्रिज नंदन, समण हेमलता और समण तिलक राज सिंह ने विभिन्न सत्रों का संचालन किया। समण आर.पी. निर्मल ने ‘समण वाणी’ के माध्यम से विचार रखे, जबकि समण रश्मि सिंह ने ‘गोल्डन रूल-2’ विषय पर अपनी बात रखी। समण प्रकाश सिंह ने ‘समण संघ व्यवस्था’ पर विचार रखते हुए संगठन को व्यवस्थित और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। समण सुधीर राज सिंह ने ‘समण संघ की बात’ विषय पर विस्तृत विचार प्रस्तुत किए। बैठक के दौरान 12 और 13 सितंबर 2026 को हिसार में प्रस्तावित संगीति के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। समण राज नारायण राहुल ने कार्यक्रम से संबंधित आवश्यक जानकारी दी। अंत में सकारात्मक चर्चा-परिचर्चा के साथ बैठक का समापन हुआ। आयोजकों ने कहा कि समण संघ से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर संगठन को मजबूत बनाने और समाज में वैचारिक जागरूकता पैदा करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

हिसार संगीति को लेकर भी दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

-धरना-प्रदर्शन की बजाय संगठनात्मक मजबूती और वैचारिक जागरूकता पर जोर

-‘मैं समण हूँ’ 1000 दिन के अभियान के अनुभव किए साझा

 बिजनौर (राष्ट्रीय पंचायत)। समण संघ परिवार की 1936वीं लगातार ऑनलाइन बैठक 22 अगस्त को जूम के माध्यम से आयोजित हुई। रात 8 बजे से 10:30 बजे तक चली बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समणों ने भाग लिया और संगठन की विचारधारा, कार्यप्रणाली तथा सामाजिक परिवर्तन को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

बैठक का मुख्य विषय ‘समण सबसे बड़ा है’ रहा। वक्ताओं ने धरना, प्रदर्शन, रैलियों और भाषणों की बजाय संगठनात्मक मजबूती, वैचारिक जागरूकता और सकारात्मक कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक परिवर्तन को स्थायी बनाने के लिए मजबूत संगठन और स्पष्ट विचारधारा आवश्यक है।

बैठक में ‘मैं समण हूँ’ 1000 दिन के कैंपेन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अभियान से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और इसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए।

कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना, संघगान और परिचय के साथ शुरुआत हुई। समण डी.एल. सागर ने एंकर कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी निभाई। समण लखपत सिंह, समण ब्रिज नंदन, समण हेमलता और समण तिलक राज सिंह ने विभिन्न सत्रों का संचालन किया।

समण आर.पी. निर्मल ने ‘समण वाणी’ के माध्यम से विचार रखे, जबकि समण रश्मि सिंह ने ‘गोल्डन रूल-2’ विषय पर अपनी बात रखी। समण प्रकाश सिंह ने ‘समण संघ व्यवस्था’ पर विचार रखते हुए संगठन को व्यवस्थित और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। समण सुधीर राज सिंह ने ‘समण संघ की बात’ विषय पर विस्तृत विचार प्रस्तुत किए।

बैठक के दौरान 12 और 13 सितंबर 2026 को हिसार में प्रस्तावित संगीति के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। समण राज नारायण राहुल ने कार्यक्रम से संबंधित आवश्यक जानकारी दी।

अंत में सकारात्मक चर्चा-परिचर्चा के साथ बैठक का समापन हुआ। आयोजकों ने कहा कि समण संघ से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर संगठन को मजबूत बनाने और समाज में वैचारिक जागरूकता पैदा करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

समण संघ परिवार की 1936वीं लगातार ऑनलाइन बैठक 22 अगस्त को जूम के माध्यम से आयोजित हुई। रात 8 बजे से 10:30 बजे तक चली बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समणों ने भाग लिया और संगठन की विचारधारा, कार्यप्रणाली तथा सामाजिक परिवर्तन को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

बैठक का मुख्य विषय ‘समण सबसे बड़ा है’ रहा। वक्ताओं ने धरना, प्रदर्शन, रैलियों और भाषणों की बजाय संगठनात्मक मजबूती, वैचारिक जागरूकता और सकारात्मक कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक परिवर्तन को स्थायी बनाने के लिए मजबूत संगठन और स्पष्ट विचारधारा आवश्यक है।

बैठक में ‘मैं समण हूँ’ 1000 दिन के कैंपेन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अभियान से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और इसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए।

कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना, संघगान और परिचय के साथ शुरुआत हुई। समण डी.एल. सागर ने एंकर कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी निभाई। समण लखपत सिंह, समण ब्रिज नंदन, समण हेमलता और समण तिलक राज सिंह ने विभिन्न सत्रों का संचालन किया।

समण आर.पी. निर्मल ने ‘समण वाणी’ के माध्यम से विचार रखे, जबकि समण रश्मि सिंह ने ‘गोल्डन रूल-2’ विषय पर अपनी बात रखी। समण प्रकाश सिंह ने ‘समण संघ व्यवस्था’ पर विचार रखते हुए संगठन को व्यवस्थित और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। समण सुधीर राज सिंह ने ‘समण संघ की बात’ विषय पर विस्तृत विचार प्रस्तुत किए।

बैठक के दौरान 12 और 13 सितंबर 2026 को हिसार में प्रस्तावित संगीति के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। समण राज नारायण राहुल ने कार्यक्रम से संबंधित आवश्यक जानकारी दी।

अंत में सकारात्मक चर्चा-परिचर्चा के साथ बैठक का समापन हुआ। आयोजकों ने कहा कि समण संघ से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर संगठन को मजबूत बनाने और समाज में वैचारिक जागरूकता पैदा करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

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