
बिजनौर, 27 अक्टूबर। जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आपदा मित्रों की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से निपटने, राहत-बचाव कार्यों और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला के दौरान आपदा मित्रों को भूकंप, बाढ़, अग्निकांड और आकाशीय बिजली सहित विभिन्न आपदाओं के समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। उन्हें आपदा से पहले आवश्यक तैयारियां करने और आपदा के दौरान सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में भी बताया गया।
प्रशिक्षकों ने आपदा मित्रों को स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आसपास के लोगों को जागरूक करने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के तरीके समझाए। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार और आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।
कार्यशाला का उद्देश्य आपदा मित्रों को आपदा जोखिम कम करने और सामुदायिक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षित आपदा मित्र अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के साथ आपदा के समय प्रशासन के प्रयासों में सहयोग कर सकेंगे।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक जानकारी देकर अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता बरतें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

