नजीबाबाद, 26 अक्टूबर। आश्विनी पूर्णिमा के मंगल अवसर पर सोमवार की देर शाम तिरुपति बालाजी कॉलोनी स्थित बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ परिसर में दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया, पश्चिमाचल के तत्वावधान में आयोजित वर्षावास प्रवचन मालिका-2026 का समापन बुद्ध वंदना, त्रिशरण एवं पंचशील के सामूहिक पाठ के साथ हुआ।

इस अवसर पर गोविंद सिंह बौद्ध ने कहा कि आश्विनी पूर्णिमा आत्मचिंतन, ज्ञान और धम्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला मंगल अवसर है। वर्षावास प्रवचन मालिका का उद्देश्य केवल धार्मिक प्रवचन सुनना नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपने व्यवहार और जीवनचर्या में उतारना है। बुद्ध का धम्म हमें प्रज्ञा, करुणा, मैत्री, समता और नैतिकता का मार्ग दिखाता है।
उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त अज्ञान, अंधविश्वास, भेदभाव और वैमनस्य को दूर करने के लिए शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा मानवीय मूल्यों का प्रसार आवश्यक है। बुद्ध के विचार आज भी सामाजिक सद्भाव, नैतिक जागरूकता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रासंगिक हैं। वर्षावास प्रवचन मालिका की सार्थकता तभी है, जब हम यहां से प्राप्त प्रेरणा को अपने आचरण में अपनाएं और धम्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रद्धेय प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने की, जबकि संचालन गोविंद सिंह बौद्ध ने किया।
इस अवसर पर श्रद्धेय तेजपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, अंजूषा सिंह, पुष्पा बौद्ध, मास्टर मूलचंद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन बुद्ध के विचारों को जीवन में आत्मसात करने तथा धम्म, करुणा और मानवता के संदेश को समाज तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।


