
नई दिल्ली। बेटियां और महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी परिवार, समाज और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र स्तर पर विभिन्न वित्तीय एवं संस्थागत पहल संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) महिलाओं सहित MSME उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, मशीनरी, कार्यशील पूंजी और परियोजना वित्त जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
SIDBI की वर्तमान जानकारी के अनुसार बैंक MSME क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष ऋण तथा प्रोजेक्ट फंडिंग जैसी सुविधाएं संचालित करता है। परियोजना वित्त के अंतर्गत व्यवसाय के विस्तार और विकास के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
SIDBI की एक रिपोर्ट के अनुसार PRAYAAS योजना के माध्यम से अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों को ₹50 हजार से ₹5 लाख तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है और इसमें महिला लाभार्थियों की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत से अधिक रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि संस्थागत ऋण व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महिला उद्यमियों के लिए ऋण प्राप्त करने से पहले उद्यम का पंजीकरण, परियोजना की व्यवहार्यता, वित्तीय दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा ऋणदाता संस्था की निर्धारित पात्रताओं को समझना आवश्यक है। ऋण की राशि, ब्याज दर, जमानत/गारंटी और अन्य शर्तें संबंधित वित्तीय उत्पाद तथा स्वीकृति प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
महिलाओं के नाम से उद्योग लगाने की दिशा में अवसर
महिलाओं के स्वामित्व अथवा नेतृत्व वाले MSME उद्यमों के लिए उपलब्ध वित्तीय योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। विनिर्माण, सेवा, डिजिटल व्यवसाय, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, तकनीकी सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में महिलाएं उद्यम स्थापित कर सकती हैं।
उद्यम शुरू करने से पहले Udyam Registration, परियोजना रिपोर्ट, अनुमानित निवेश, कार्यशील पूंजी की आवश्यकता, संभावित आय-व्यय और पुनर्भुगतान क्षमता का स्पष्ट आकलन तैयार करना उपयोगी रहेगा।
महिला उद्यमिता को लेकर SIDBI की आधिकारिक सामग्री में भी महिलाओं को उद्यम स्थापित करने और विकसित करने के लिए वित्तीय एवं गैर-वित्तीय सहयोग की दिशा में विभिन्न पहल का उल्लेख मिलता है।
डॉ. जितेंद्र पासवान ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केवल ऋण उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें उद्यम संचालन, वित्तीय प्रबंधन, बाजार, तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराना जरूरी है। आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं के साथ-साथ परिवार और समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
उन्होंने महिला एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के उद्यमियों से अपील की कि किसी भी ऋण योजना के संबंध में आवेदन करने से पहले SIDBI अथवा संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट/शाखा से वर्तमान पात्रता, ब्याज दर, ऋण सीमा, गारंटी तथा अन्य शर्तों की पुष्टि अवश्य करें।
संबंधित जानकारी के लिए: SIDBI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध वर्तमान योजनाओं और आवेदन प्रक्रिया को देखा जा सकता है।



