प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा, बिजनौर में बनेगा नया बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर
25 जुलाई तक मांगे गए आवेदन, प्राकृतिक जैव-आदान तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराएगा बीआरसी
बिजनौर। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जनपद में एक नया बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) स्थापित किया जाएगा। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत इच्छुक कृषकों, किसान समूहों और इकाइयों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा ने बताया कि बीआरसी क्लस्टर स्तर का ऐसा उद्यम होगा, जहां स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक जैव-आदान तैयार किए जाएंगे। इन जैव-आदानों को उन किसानों तक पहुंचाया जाएगा, जो स्वयं इनका उत्पादन करने में सक्षम नहीं हैं।
कृषि विभाग की यह पहल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती को संस्थागत रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर जैव-आदान उपलब्ध होने से किसानों की लागत घटाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसान ही होंगे पात्र
आवेदन के लिए वही कृषक, समूह या इकाई पात्र होगी जो पहले से प्राकृतिक खेती का अभ्यास कर रही हो। उसके पास गोबर, गौमूत्र और पौध-आधारित बायोमास जैसी आवश्यक कच्ची सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अलावा निकटवर्ती गोशाला से गोबर और गौमूत्र की नियमित आपूर्ति तथा जैव-आदानों के निर्माण और भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान होना भी जरूरी है।
आवेदन से जुड़ी अहम जानकारी
| अंतिम तिथि | 25 जुलाई 2026 |
|---|---|
| कहां जमा करें | उप कृषि निदेशक कार्यालय, बिजनौर |
| योजना | नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग |
| उद्देश्य | प्राकृतिक जैव-आदान उपलब्ध कराना |
25 जुलाई तक जमा होंगे आवेदन
उप कृषि निदेशक ने इच्छुक कृषकों से आवश्यक अभिलेखों सहित आवेदन पत्र 25 जुलाई 2026 तक किसी भी कार्य दिवस में उप कृषि निदेशक कार्यालय, बिजनौर में जमा करने की अपील की है। चयनित इकाई को नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत बीआरसी के रूप में विकसित किया जाएगा।