IGRS फीडबैक में फेल अफसरों पर गिरी गाज
डीएम ने दिखाई सख्ती, कई अफसरों का वेतन काटने के आदेश, कहा- शिकायत निस्तारण में कोताही बर्दाश्त नहीं

बिजनौर। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सख्त रुख अपनाते हुए कई विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित विदुर सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि “शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
आईजीआरएस शिकायतों पर डीएम की सख्ती यह संकेत देती है कि प्रशासन अब केवल शिकायत निस्तारण के आंकड़ों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि को भी प्राथमिकता दी जा रही है। वेतन कटौती जैसे कदम विभागीय जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक शरदपाल सिंह, डीसीजी राम जी आरबी, उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा, सभी उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
“शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोपरि है। कोई भी शिकायत डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं जानी चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे।” — जिलाधिकारी जसजीत कौर
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त और जिला पूर्ति अधिकारी के स्तर पर अधिक असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) के स्तर पर भी अधिक असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। वहीं विद्युत विभाग के खिलाफ लगातार खराब फीडबैक मिलने पर प्रबंध निदेशक को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।
फैमिली आईडी और फार्मर रजिस्ट्री पर भी सख्ती
बैठक में फैमिली आईडी की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जलीलपुर और नूरपुर विकास खंडों की धीमी प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताते हुए सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री का शेष कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए।
मिनी स्टेडियम और खेल मैदानों के लिए निर्देश
जिलाधिकारी ने विकास खंडों में प्रस्तावित मिनी स्टेडियम और खेल मैदानों के लिए भूमि चिन्हीकरण का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। उन्होंने खेल मैदानों के लिए एक समान मानक डिजाइन तैयार करने के निर्देश भी दिए।
तालाब और चरागाह भूमि पर भी फोकस
बैठक में चरागाह भूमि के चिन्हीकरण, गौशालाओं के साथ उनकी मैपिंग तथा चिन्हित तालाबों की खुदाई शीघ्र शुरू कराने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में तेजी लाई जाए।

