बिजनौर में झाड़-फूंक और बीमारी ठीक करने के नाम पर महिलाओं को ठगी का शिकार बनाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी महिलाओं को अपनी बातों में फंसाते और फिर उनके सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो जाते थे।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ठगी गया सोने का हार और दो कुंडल भी बरामद किए गए हैं। एसपी बिजनौर कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।
दरअसल, पहला मामला 13 अक्टूबर 2026 का है। शेरकोट थाना क्षेत्र में काजीसराय स्थित स्टेट बैंक के सामने वाली गली में एक वृद्ध और बीमार महिला को दो अज्ञात व्यक्तियों ने झाड़-फूंक के बहाने अपने जाल में फंसा लिया।
आरोपियों ने महिला को उसकी बीमारी ठीक करने का झांसा दिया और इसी बहाने उसके गले से सात टिकली वाला सोने का हार उतरवा लिया। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
इस मामले में महिला की शिकायत पर शेरकोट थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस जांच में इस गिरोह से जुड़ी एक दूसरी वारदात भी सामने आई। 22 अगस्त 2026 को धामपुर कस्बे की मित्तल वाली गली में आरोपियों ने एक अन्य महिला को अपना निशाना बनाया था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने महिला को झांसा देकर उसके कानों के दो कुंडल ठग लिए थे।
लगातार हुई इन वारदातों के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलशाद उर्फ भैय्या और दानिश उर्फ चेनमैन के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके कब्जे से शेरकोट की वारदात में ठगा गया सात टिकली वाला सोने का हार और धामपुर की वारदात में ठगे गए पीली धातु के दो कुंडल बरामद किए हैं।
एसपी बिजनौर कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी झाड़-फूंक और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिलाओं को निशाना बनाते थे। ऐसे में पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपने कीमती आभूषण न सौंपें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



