
सारनाथ। आगामी 15 से 21 जनवरी 2027 तक प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय धम्मचक्क पूजा के आयोजन की तैयारियों को लेकर सारनाथ में आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सारनाथ स्थित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बुद्ध विहारों के विहाराधिपति, भिक्षु महासंघ, भिक्षुणी संघ तथा सारनाथ एवं वाराणसी के प्रमुख उपासकगण शामिल हुए।
बैठक की अध्यक्षता परम पूजनीय भदंत सिवली महास्थवीर, महासचिव, महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया ने की। बैठक में सारनाथ के विभिन्न देशों से जुड़े बुद्ध विहारों के पूजनीय विहाराधिपति एवं भिक्षु महासंघ ने सहभागिता की।

इस अवसर पर परम पूजनीय भदंत मंगलिको महास्थवीर, थाई बुद्ध विहार; परम पूजनीय भदंत सुमेध महास्थवीर, इंडो-श्रीलंका बुद्ध विहार; परम पूजनीय भदंत सुचित्र महास्थवीर, वाटफा बुद्ध विहार; वियतनाम बुद्ध विहार के पूजनीय भंते; परम पूजनीय भदंत धम्मशील महास्थवीर, प्रधानाचार्य; परम पूजनीय भदंत सेमपेच महास्थवीर, कंबोडिया बुद्ध विहार; परम पूजनीय भदंत नागवंश महास्थवीर, धम्मचक्क मेडिटेशन सेंटर; परम पूजनीय भदंत ञानावाला महास्थवीर, म्यांमार बुद्ध विहार; परम पूजनीय भंते संघदुत, चाइनीज बुद्ध विहार तथा परम पूजनीय भंते धम्मप्रिय, महाकरुणा बुद्ध विहार सहित विभिन्न बुद्ध विहारों के पूजनीय भिक्षु उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त तिब्बती विश्वविद्यालय, तिब्बत बुद्ध विहार एवं निगमा बुद्ध विहार से जुड़े परम पावन लामाओं सहित अन्य बुद्ध विहारों के पूजनीय भिक्षु एवं भिक्षुणी संघ ने भी बैठक में सहभागिता की।

बैठक में सारनाथ एवं वाराणसी के प्रमुख उपासकगण भी उपस्थित रहे। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय धम्मचक्क पूजा के आयोजन की तैयारियों, विभिन्न बुद्ध विहारों की सहभागिता तथा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित, भव्य एवं गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के अंत में भिक्षु महासंघ एवं उपासक बंधुओं ने अंतरराष्ट्रीय धम्मचक्क पूजा के सफल एवं भव्य आयोजन के लिए तन, मन और धन से सहयोग करने का सामूहिक संकल्प लिया।
सारनाथ भगवान बुद्ध की प्रथम धम्मदेशना की भूमि है। ऐसे में यहां आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय धम्मचक्क पूजा में देश-विदेश के बौद्ध समुदाय की सहभागिता विशेष महत्व रखती है।


