
बिजनौर, 31 अक्टूबर। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत बिजनौर जनपद में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in निर्धारित किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार के सभी सदस्यों का विवरण निर्धारित पोर्टल पर दर्ज कराते हुए जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी करें।
जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के निर्देशों के क्रम में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने जनगणना 2027 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोर्टल से प्राप्त स्व-गणना आईडी को सुरक्षित रखना अनिवार्य है। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। इस दौरान परिवार के सदस्यों को अपनी स्व-गणना आईडी प्रगणक को उपलब्ध करानी होगी, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि स्व-गणना के दौरान निर्धारित 40 बिंदुओं पर सूचनाएं दर्ज की जानी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित जानकारी सही तरीके से दर्ज करें और जनगणना प्रक्रिया में पूरा सहयोग दें।
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 5 नवंबर को विकास भवन सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और उनके कंप्यूटर दक्ष कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। वहीं, 16 से 29 नवंबर तक जनगणना के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न विषयों पर विशेष दिवस आयोजित किए जाएंगे। इनमें राजस्व एवं प्रशासन, स्थानीय शासन, युवा एवं खेल, मीडिया, न्यायपालिका, वर्दीधारी बल, केंद्र सरकार के कार्यालय, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं परिवहन, महिला एवं स्वयं सहायता समूह, डिजिटल एक्सेस सहायता एवं विशेष आवश्यकता, वर्क फ्रॉम होम तथा प्राइड दिवस शामिल हैं।
जनपद में जनगणना 2027 के कार्य के लिए 134 फील्ड ट्रेनर्स और 8,500 प्रगणकों की व्यवस्था की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्राप्त आंकड़े देश और प्रदेश की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों तथा सार्वजनिक सुविधाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। इसलिए जनगणना में प्रत्येक निवासी की सहभागिता और प्रत्येक व्यक्ति का समावेश सुनिश्चित करना आवश्यक है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




