
बिजनौर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने नगीना रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रेलवे क्रॉसिंग के दोनों ओर डिवाइडर और बैरिकेडिंग की व्यवस्था कराने को कहा है, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो और लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
गुरुवार, 29 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने के साथ ही दुर्घटना संभावित स्थलों पर जरूरी सुधार कराए जाएं।
ब्लैक स्पॉट पर होंगे सुरक्षा के इंतजाम
जिलाधिकारी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चिह्नित ब्लैक स्पॉट तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर संकेतक, रम्बल स्ट्रिप, डायवर्जन और अन्य जरूरी सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संबंधित स्थलों पर सुधार कार्य शुरू होने से पहले और कार्य पूरा होने के बाद की तस्वीरें सुरक्षित रखी जाएं। इन तस्वीरों को अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करना होगा, ताकि कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का आकलन किया जा सके।
स्कूलों के बाहर वाहनों की पार्किंग पर रोक
बैठक में स्कूलों और कॉलेजों के बाहर अनियंत्रित पार्किंग की समस्या पर भी चर्चा हुई। डीएम ने सेंट मैरीज, डीडीपीएस, मॉडर्न एरा सहित अन्य विद्यालयों के बाहर वाहनों की पार्किंग रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों के आसपास यातायात बाधित नहीं होना चाहिए और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मेरठ-पौड़ी मार्ग के फ्लाईओवर पर कट बनाने के निर्देश
बैठक में यातायात निरीक्षक ने मेरठ-पौड़ी मार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। बताया गया कि वहां नगीना की ओर जाने के लिए कट की व्यवस्था नहीं है और सर्विस अप्रोच रोड का निर्माण भी उचित ढंग से नहीं किया गया है।
इस पर जिलाधिकारी ने एनएचएआई के अधिकारियों को फ्लाईओवर पर नगीना की ओर जाने के लिए कट की व्यवस्था सुनिश्चित करने और सर्विस अप्रोच रोड को मानकों के अनुरूप तैयार कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत दिलाना और दुर्घटनाओं की आशंका कम करना है।
हाईवे पर ई-रिक्शा संचालन पर सख्ती
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन अनुमन्य नहीं है। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले ई-रिक्शा में सुरक्षा के दृष्टिगत जाली लगवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा, ताकि बच्चों की सुरक्षा बनी रहे। डीएम ने पुलिस और परिवहन विभाग को अपनी-अपनी प्रवर्तन कार्रवाई का विवरण अलग-अलग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
घायलों की मदद करने वालों को किया जाएगा सम्मानित
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नेक व्यक्तियों (गुड सेमेरिटन) को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने से दुर्घटना के दौरान घायलों की सहायता के लिए आमजन आगे आएंगे और समय पर मदद मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाने में सहायता मिल सकती है।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई के अधिकारियों सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


