बिजनौर, 27 अक्टूबर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे साइक्लोन ‘अर्नब’ संभावित के प्रभाव को देखते हुए 28 और 29 अक्टूबर को जनपद बिजनौर में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान तेज हवाएं चलने, गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और भारी वर्षा की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने तथा जन-धन की सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा है।
जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने राहत आयुक्त, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं और राहत व्यवस्था अलर्ट मोड में
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी चिकित्सा इकाइयों में आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी घटना में घायलों को तत्काल उपचार मिल सके। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

किसानों को फसल और अनाज बचाने की सलाह
जिला कृषि अधिकारी को किसानों तक प्रतिकूल मौसम की जानकारी पहुंचाने और आवश्यक कृषि संबंधी सलाह प्रसारित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों से कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने की अपील की गई है।
सिंचाई विभाग को नदियों, नहरों और अन्य संवेदनशील जलस्रोतों की स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई खंड धामपुर के अधिशासी अभियंता को भी अपने क्षेत्र में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जर्जर भवनों और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर
जिला पंचायत राज अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर जर्जर एवं असुरक्षित भवनों की पहचान करने तथा जोखिम वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा जनहानि, पशुहानि या फसल क्षति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग को भी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने को कहा गया है।
बिजली कड़कने पर खुले स्थानों से दूर रहें
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों, खेतों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। खराब मौसम में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि संभावित खराब मौसम के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।



