बिजनौर| शेरकोट थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में आतिशबाजी फैक्ट्री के अवशेष में हुए विस्फोट ने अब एक परिवार से उसका मासूम बेटा छीन लिया है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे किशोर रोहन की शुक्रवार देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। उसका भाई रोहित भी हादसे में गंभीर रूप से झुलसा था और उसका उपचार जारी है। रोहन की मौत की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और वाजिदपुर में शोक का माहौल है।
यह हादसा 20 सितंबर को हुआ था। पुलिस के मुताबिक, वाजिदपुर में बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास आतिशबाजी के अवशेष पड़े थे। इसी दौरान जंगल की ओर जा रहे दोनों भाई इसकी चपेट में आ गए।
धुआं दिखाई दिया, छेड़ने पर हुआ विस्फोट
बताया जाता है कि दोनों भाई चारा लेने के लिए जंगल की ओर जा रहे थे। वहां पड़े आतिशबाजी के अवशेषों से धुआं निकलता दिखाई दिया। इसके बाद उन्हें लकड़ी से हिलाने की कोशिश की गई और इसी दौरान तेज विस्फोट हो गया।
धमाका इतना तेज था कि दोनों भाई का चेहरा सहित आगे पूरा हिस्सा बुरी तरह झुलस गया और कपड़ो के चिथड़े उड़ गये। उन्हें पहले उपचार के लिए बिजनौर जिला अस्पताल लाया गया। जहां उनकी हालत को गंभीर देखते हुए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उनका उपचार चल रहा था।
इलाज के दौरान रोहन ने तोड़ा दम
हादसे के बाद दोनों भाइयों को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थे। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार देर रात रोहन ने दम तोड़ दिया। उसके भाई रोहित का उपचार अभी जारी है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में आतिशबाजी फैक्ट्री के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने यूसुफ, गुफरान, रिजवान, खुर्शीद और मुकेश के नाम रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने इस मामले में मुकेश रघुवंशी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले से जुड़े दो नामजद आरोपी पहले से ही एक अन्य पटाखा प्रकरण में जेल में हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

