
बिजनौर,22 सितंबर। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बनखला स्थित मस्जिद से जुड़े एक मामले को लेकर मंगलवार को तनाव की स्थिति बन गई। हिंदू रक्षा दल ने मस्जिद परिसर में कुएं पर निर्माण किए जाने का आरोप लगाते हुए वहां हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया था। सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन ने एहतियातन गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और संगठन के प्रतिनिधिमंडल को मस्जिद तक जाने से रोक दिया।
बाद में हिंदू रक्षा दल के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई से मुलाकात की। वार्ता के दौरान पुलिस ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद संगठन ने मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
मस्जिद के आसपास पुलिस बल तैनात
सोमवार को हिंदू रक्षा दल की ओर से मंगलवार को बनखला स्थित मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा की गई थी। इसे देखते हुए मंगलवार सुबह से ही बनखला और आसपास के लक्खूवाला क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
मस्जिद के पास नायब तहसीलदार अंकित कुमार सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी गई, ताकि किसी तरह का विवाद या तनाव उत्पन्न न हो।
प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका
करीब 11 बजे हिंदू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष कौशिक त्यागी लक्खूवाला पहुंचे। वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उनसे वार्ता की। इसके बाद संगठन का प्रतिनिधिमंडल बिजनौर पहुंचा और पुलिस अधीक्षक के साथ वार्ता की।
वार्ता में सीओ नगीना राजेश सोलंकी और कोतवाली देहात प्रभारी सुनील सहरावत भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में उत्तराखंड हिंदू रक्षा दल के नेता ललित शर्मा भी शामिल रहे।
तीन दिन में जांच का आश्वासन
हिंदू रक्षा दल के नेता ललित शर्मा के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ने मामले की तीन दिन में जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। संगठन की ओर से जिस कुएं पर निर्माण किए जाने का आरोप लगाया गया है, उसकी स्थिति की जांच के साथ मस्जिद से संबंधित अन्य तथ्यों की भी जांच कराने की बात कही गई।
पुलिस के आश्वासन के बाद हिंदू रक्षा दल ने मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ करने का कार्यक्रम रद्द कर दिया।
पहले भी हुई थी मौके की जांच
बताया गया कि 7 सितंबर को भी शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। उस समय थाना प्रभारी ने प्रारंभिक तौर पर बताया था कि मस्जिद परिसर में कोई कुआं स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को भेजने और राजस्व विभाग से जांच कराने की बात कही थी। अब दोबारा उठे विवाद के बाद प्रशासन ने मामले के सभी पहलुओं की जांच का आश्वासन दिया है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

