

बिजनौर। गंगा के खादर क्षेत्र में हर वर्ष बाढ़ का दंश झेलने वाले ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार जिलाधिकारी जसजीत कौर के सामने मजबूती से पहुंच गई। गुरुवार को चांदपुर से हस्तिनापुर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचीं जिलाधिकारी से ग्रामीणों ने करीब 11 किलोमीटर लंबा बाढ़ सुरक्षा बांध बनवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि हर मानसून में बाढ़ का खतरा उनकी खेती, आवागमन और जनजीवन पर भारी पड़ता है। जिलाधिकारी ने उनकी मांग को शासन स्तर पर भेजने और निर्माण के लिए प्रभावी पैरवी करने का भरोसा दिया।
जिलाधिकारी ने पांडव नगर चौकी, जलालपुर खादर, रायपुर खादर और खानपुर दमाल सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर सड़क, जल निकासी और बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान भले ही क्षेत्र में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति नहीं मिली, लेकिन प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
चार महीने बाद भी मंजूरी का इंतजार
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड), मेरठ के सहायक अभियंता ने बताया कि चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग पर वर्षा एवं बाढ़ के पानी की निकासी के लिए 14 नई पुलियों और गाइड बांध के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। परियोजना का संशोधित आगणन (रिवाइज्ड एस्टीमेट) शासन को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

सिर्फ बांध नहीं, पूरे क्षेत्र की सुरक्षा का सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित बांध और पुलियों का निर्माण समय पर हो जाता है तो जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होगी। इससे न केवल हजारों बीघा कृषि भूमि की सुरक्षा होगी, बल्कि चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग पर आवागमन भी मानसून के दौरान बाधित नहीं होगा। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को भी हर वर्ष आने वाले बाढ़ संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी चांदपुर, तहसीलदार चांदपुर, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
