बिजनौर। झालू रोड पर सड़क किनारे पड़ी राख में गिरकर बच्चों के झुलसने की घटना को लेकर प्रशासन ने अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा जारी किया है। उप जिलाधिकारी (सदर) ने बताया कि घटना एक मई 2026 को कोतवाली शहर क्षेत्र में हुई थी। सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन ने तत्काल बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ रेफर कर दिया गया।
उप जिलाधिकारी के अनुसार, पांच मई को परिजन बच्चों को मेरठ से वापस लेकर बिजनौर आ गए और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान परिजनों ने गंगदासपुर (मुजफ्फरनगर) में एक वैद्य से उपचार कराने की इच्छा जताई। प्रशासन की ओर से बाद में बच्चों को एक निजी सर्जन को भी दिखाया गया, जिन्होंने बेहतर इलाज के लिए किसी उच्च चिकित्सा संस्थान के बर्न वार्ड में भर्ती कराने की सलाह दी। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि परिजनों ने वहां उपचार कराने से इनकार कर दिया।
एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई
प्रशासन के अनुसार, सात मई को क्षेत्रीय विधायक सूची मौसम चौधरी एवं भाजपा नेता मौसम चौधरी की ओर से प्रत्येक प्रभावित बच्चे को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त वेब शुगर इंडस्ट्रीज के माध्यम से भी प्रत्येक बच्चे को 50 हजार रुपये की सहायता दिलाई गई। इस प्रकार प्रत्येक प्रभावित बच्चे को कुल एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। साथ ही भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक अथवा बर्न वार्ड में उपचार के लिए भी आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
पुलिस की विधिक कार्रवाई भी जारी
उप जिलाधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस द्वारा विधिक कार्रवाई भी प्रचलित है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित बच्चों के उपचार एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।


